अभी तुम हो जमीन पर और थोड़ी सीढ़ियां चढ़ लो …पर गूंजी तालियां

हाथरस। होली का त्यौहार मनभावन कर मस्ती के रंगों में सराबोर कर देता है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स द्बारा होली महोत्सव में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन प्रेम रघु मेडिकल कॉलेज में किया गया। जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय गीतकार यश भारती पुरस्कार से सम्मानित हाथरस के नाम को विश्व पटल पर फहराने वाले मशहूर गीतकार डा. विष्णु सक्सैना ने अपने गीतों से होली की मस्ती के रंगों में सराबोर कर दिया।

भव्य कवि सम्मेलन का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय गीतकार डा. विष्णु सक्सैना, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रेमसिंह कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता देवेंद्र गोयल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष कमलकांत दोबरावाल, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सोनल अग्रवाल, प्रेम रघु ग्रुप के डायरेक्टर डा. पी.पी.सिंह ने माँ सरस्वती के छविचित्र पर माल्यार्पण व सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया गया।

भव्य होली मिलन समारोह में आयोजित कवि सम्मेलन में मशहूर गीतकार डा.विष्णु सक्सैना ने अपने गीतों से ऐसा शमाँ बांधा कि श्रोता उनके गीतों के सागर में डूब गए और अंतर्राष्ट्रीय गीतकार डॉ. विष्णु सक्सैना ने अपने मुक्तक व गीत गुनगुनाये- होगा जो प्रेम में डूबा वो दिल से गुनगुनायेगा, नजर का तीर ऐसा है जिगर के पार जाएगा। सारी खुशियां मेरी पास गम रह गये मेरी झोली में सारे वहम रह गए। अभी तुम हो जमीन पर और थोड़ी सीढ़ियां चढ़ लो। सही वो यार है जो मुंह पर बोलता देता है, है वो खतरनाक जो मिश्री सी घोल देता है। तू जो ख्वाबों में भी आ जाए तो मेला कर दे, गम के मरुथल में भी बरसात का रैला कर दे। रंग-बिरंगे इस जीवन में कुछ रंग फीके कुछ रंग गहरे। सच बात तुझको दिल की बताऊं मेरी लाडो गाऊं मेरी लाडो कि याद बहुत तेरी आती है आदि गीतों से पूरे माहौल को मदहोश कर दिया और श्रोता होली की मस्ती में मदमस्त हो गए।
होली मिलन समारोह में आयोजित कवि सम्मेलन में ओज कवि राणा मुनि प्रताप ने ओज के गीतों से माहौल में उत्तेजना भर दी। उन्होंने- रंगों का त्योहार वर्षा करता था कभी रंगो के संग प्यार खेलते थे कभी होली। षड्यंत्री सम्मोहन से आजाद रहो तो अच्छा है युवा अवस्था में संकल्पित होना एक परीक्षा है। जितनी औलाद देते है कमबख्त सवाली देते हैं आदि ओजस्वी गीतों से जोश भर दिया।
पूरे देश में अपने गीतों से धूम मचाने वाले युवा गीतकार डा. नितिन मिश्रा ने मंच संचालन किया और अपने गीत- फूलों का निखर जाना जरूरी है बदलते वक्त में बदल जाना जरूरी है। तुमने हमारे दिल को संभाल नहीं। एक लड़की ख्वाबों में मेरे अक्सर आया करती है, प्रेम से ही मेरे गीतों को मुझे सुनाया करती है। दिल के गीत के लिए प्रेम प्रीत के लिए आदि गीतों से माहौल प्रेममयी कर दिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय ने कहा कि हमारे जनपद और हमारा सौभाग्य है कि डा.विष्णु सक्सैना जैसी शख्सियत हमारे जनपद के नाम का झंडा विश्व में फहरा रहे हैं। कवि सम्मेलन में पूर्व आइपीएस आदित्य वर्मा व अन्य विशेष जन भी मौजूद थे। जिलाध्यक्ष कमलकांत दोबरावाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता देवेंद्र गोयल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष कमलकांत दोबरावाल, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सोनल अग्रवाल, डा.पी.पी.सिंह,जिला महासचिव शैलेंद्र सांवलिया, जिला कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, जिला प्रवक्ता बालप्रकाश वाष्र्णेय, कविता गोयल, वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, अमित गर्ग, रवि गुप्ता, उपवेश कौशिक, सौरभ सिंघल, राजेश वाष्र्णेय, दीपेश अग्रवाल, दिलीप वाष्र्णेय पेंट, हर्ष मित्तल, जितिन तरैटिया, अमन बंसल, पीसी छाबड़ा, राजकुमार अग्रवाल, दिलीप वाष्र्णेय अलका, संजीव वाष्र्णेय, राम वाष्र्णेय, शैलेश अग्रवाल, आयुष अग्रवाल, भानु अग्रवाल, मुरारी चैधरी, कौशल किशोर गुप्ता, भानु प्रकाश वाष्र्णेय, राकेश अग्रवाल, मनोज वाष्र्णेय, रितिक वाष्र्णेय, रितिक बंसल, उद्धवकृष्ण शर्मा, अमित बंसल, संदीप वाष्र्णेय, हरीश आंधीवाल, मनोज वर्मा, नीरज माहेश्वरी, यतेंद्र यादव, डा.वरूण गुप्ता, कुशाग्र जोशी, आशीष रस्तोगी आदि मौजूद थे।









