सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गंगा के लिए अरवों रूपये बहा रही है वहीं सरकारी नुमांइंदे और जनप्रतिनिधि सरकार के इस सपने को पलीता लगाकर विकास के लिए आने वाले धन को अपने निजी खर्च में प्रयोग कर रहे हैं। इसका जीता जागता प्रमाण गांव नया नगला में दिखाई दे रहा है।
गांव में मुख्य सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण ग्रामीणों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। नालियों की समुचित सफाई न होने और जल निकासी की व्यवस्था ठप होने से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया है जिससे पूरे इलाके में भीषण गंदगी पसरी हुई है। स्थानीय निवासी खन्ना ठाकुर का कहना है कि गांव की यह सड़क लंबे समय से इसी बदहाल स्थिति में पड़ी है लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर जमा कीचड़ और गंदे पानी की वजह से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गंदगी के कारण गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का भय भी बना हुआ है, ग्रामीणों ने बताया कि कीचड़ और मच्छरों के पनपने से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि दुपहिया वाहन चालक आए दिन फिसल कर चोटिल हो रहे हैं जैसा कि ग्रामीण सुनील ने बताया कि कीचड़ के कारण गाड़ियां अनियंत्रित होकर गिर जाती हैं। इस पूरे मामले पर ग्राम प्रधान का कहना है कि नालियां चोक होने की वजह से पानी की निकासी बाधित हुई है और उन्होंने जल्द ही सफाई कार्य कराकर स्थिति को सुधारने का आश्वासन दिया है।












