
हाथरस 31 जनवरी, 2026 (सूचना विभाग)। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस दिनांक 10 फरवरी, 2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की गतिविधियों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गैर सरकारी स्कूलों के संचालकों के साथ ब्लॉकवार बैठक कर छात्र/छात्राओं को दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे छात्र/छात्राओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिनकी आयु 19 वर्ष की होगी और वह महाविद्यालयों में भी शिक्षारत होगें। उन्हें भी दवा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप संबंधित विभागों के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को दवा खिलाये जाने हेतु दिये जाने वाले प्रशिक्षण को बेहतर ढंग से दिये जाने के निर्देश दिए। उन्होने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल कल्याण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों को शासनादेश के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जनपद के 01-19 वर्ष के समस्त पंजीकृत/गैर पंजीकृत बच्चों को शत प्रतिशत एल्बेंडाजॉल की टेबलेट खिलायें। 01-19 वर्ष के मध्य कोई भी बच्चा दवा खाने से वंचित नही रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों व किशोरों के अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर पोषण, नियमित शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी के लिए कृमिनाशक दवा देना आवश्यक है। बच्चो को गोली अपने सामने खिलाये। घर ले जाने के लिये किसी को नही दिया जायेगा। उन्होनें कहा कि इस अभियान को सभी सरकारी और प्राईवेट स्कूलो के साथ साथ आगनवाडी सेन्टरो, ईट भट्ठो और मदरसों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चो को एलबेन्डाजोल की गोली अवश्य खिलायी जाये।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान 10 फरवरी को जनपद में 01-19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जाएगी। 10 फरवरी को दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोर/किशोरियों को 13 फरवरी को मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी। आंगनबाड़ियों, शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बच्चों को कृमि की दवा का सेवन कराया जाएगा। एक वर्ष से दो वर्ष के बच्चों को अलबेंडाजॉल की आधी गोली खिलाई जाएगी। दो साल से अधिक उम्र के बच्चों को अलबेंडाजाल के साथ डी.ई.सी. गोली खिलाई जाएगी। उन्होने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चो में एनीमिया की कमि एवं पोषण स्तर में वृद्धि, बच्चो में शारीरिक वृद्धि एवं वजन बढ़ाना, मानसिक एवं शारीरिक विकास में वृद्धि, स्कूल में उपस्थित बढ़ाने में सहायक तथा बच्चो की याददाशत में वृद्धि एवं स्कूल में सक्रिय एवं भागीदारी को बढ़ाना है। नोडल अधिकारी ने बताया कि 871000 बच्चो को दवा दी जानी है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, सहायक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, एम0ओ0आई0सी0 सहित अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।









