हाथरस संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल द्वारा शहर के मुख्य चैराहों, मार्गों और फाटकों को भीषण जाम व अतिक्रमण की समस्या से मुक्ति दिलाने हेतु पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर जाम से निजात की मांग की है।
संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल शहर की अत्यंत विकराल हो चुकी यातायात और जाम की समस्या के संबंध में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन के माध्यम से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग करता है। व्यापार मंडल का मानना है कि वर्तमान यातायात व्यवस्था के कारण व्यापार पूरी तरह ठप्प हो रहा है और आम नागरिक का जीना दूभर हो गया है। संगठन ने मांगें की हैं कि इगलास रोड फाटक और प्रमुख मार्गों पर भयंकर जाम रहता है। संस्थापक संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल राजीव वाष्र्णेय ने कहा कि शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इगलास रोड फाटक पर रेलवे ट्रैक बंद होने और खुलने के बाद वाहनों की जो अनियंत्रित कतारें लगती हैं, उन्हें संभालने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही सासनी गेट एवं सिकन्द्राराऊ रोड पर भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के दबाव के कारण दिन में दर्जनों बार भयंकर जामश् लगता है। व्यापार मंडल मांग करता है कि इन हॉटस्पॉट्स पर पीक आवर्स में अतिरिक्त पुलिस बल की स्थाई तैनाती की जाए।
संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक कन्हैया वाष्र्णेय ने कहा कि आगरा रोड बस अड्डे के पास रोडवेज और डग्गामार निजी बसों के अनियंत्रित तरीके से सड़क पर खड़े होने के कारण पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। बस चालक सवारी बिठाने की होड़ में बीच सड़क पर वाहन रोक देते हैं। पुलिस प्रशासन को यहाँ बसों के रुकने के स्थान को सख्ती से निर्धारित करना होगा, अन्यथा यहाँ से गुजरना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चैहान ने कहा कि शहर के मुख्य चैराहों और बाजारों (जैसे सादाबाद गेट, अलीगढ़ गेट, आगरा रोड आदि) की सड़कों के सहारे फल और सब्जी के ठेले वाले अनधिकृत रूप से खड़े रहते हैं। सड़क की चैड़ाई पहले ही सीमित है और इन ठेलों के कारण बची-खुची जगह भी ब्लॉक हो जाती है। पुलिस प्रशासन को इन ठेले वालों पर सख्ती से नियंत्रण करना होगा और इनके लिए वेंडिंग जोन सुनिश्चित कराने होंगे।
जिला महामंत्री रविंद्र सिंह का कहना है कि शहर में दौड़ रहीं टिर्री (ई-रिक्शा) और टेंपो चालकों की मनमानी जाम का सबसे बड़ा कारण बन चुकी है। ये चालक सवारी के चक्कर में चैराहों के ठीक मोड़ पर और सड़क के बीचों-बीच अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इन पर जब तक पुलिस का डंडा और सख्त चालानी कार्यवाही नहीं होगी, तब तक शहर को जाम से मुक्ति नहीं मिल सकती। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वाष्र्णेय ने कहा कि हाथरस का हींग उद्योग और स्थानीय व्यापार देश-विदेश में प्रसिद्ध है, लेकिन शहर के आंतरिक मार्गों की यह दुर्दशा व्यापार को खत्म कर रही है। आपातकालीन सेवाएं, एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियां भी इस जाम में फंस रही हैं, जो किसी बड़े हादसे को आमंत्रण है। संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग करता है कि चैराहों से अतिक्रमण हटाया जाए, टिर्री-टेंपो के स्टैंड निर्धारित हों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
व्यापार मंडल और जनता के व्यापक हित को देखते हुए संबंधित थाना प्रभारियों व यातायात पुलिस विभाग को त्वरित व कड़ी कार्यवाही के निर्देश दें।सभी व्यापारी वर्ग इस सकारात्मक और सुधारात्मक कदम में पुलिस प्रशासन को अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन देते हैं।












