राष्ट्रीय लोक अदालत में 9 को अधिक से अधिक वादों के निस्तारण हेतु न्यायिक अधिकारियों ने की बैठक

हाथरस। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेशानुसार जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष विनय कुामार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में 9 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण हेतु अपर जनपद न्यायाधीश, नोडल अधिकारी प्रशान्त कुमार की अध्यक्षता में व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सिविल जज (व.प्र.) , प्रभारी सचिव जयहिन्द कुमार सिंह, की उपस्थिति में न्यायिक अधिकारीगण के साथ बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आकांक्षा गर्ग, अपर सिविल जज (व.प्र.) दीपक नाथ सरस्वती, सिविल जज (व.प्र.)/एफटीसी ईशा अग्रवाल, सिविल जज (क.प्र.), सारांश शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट खुश्बू चन्द्रा, सिविल जज (क.प्र.)/एफटीसी-2 अरिजीत सिंह, सिविल जज (क.प्र.)/एफटीसी -1 रोबिन कुमार, अपर सिविल जज (क.प्र.) सादाबाद शिव कुमार यादव, उपस्थित थे। अपर जनपद न्यायाधीश, नोडल अधिकारी लोक अदालत प्रशान्त कुमार द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण से न्यायालयों द्वारा अब तक पक्षकारों को जारी किये गये नोटिसों की माॅनिटरिंग की गयी तथा तामीला की स्थिति तथा लोक अदालत में निस्तारण हेतु तैयार वादों के सम्बन्ध में जानकारी की गयी। नोडल अधिकारी द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण को इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय में लम्बित ऐसे वाद जिनका निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया जा सकता है उनमें अधिक से अधिक संख्या में नोटिस पक्षकारों को भेजने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश दिये गये। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वाद जो काफी पुराने हैं, उनका निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर सुलह-समझौते के माध्यम से करने का प्रयास करें। जिससे इस राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाया जा सके।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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