
हाथरस। जनपद में सिंचाई व्यवस्थाओं को सुदृढ़, सुचारु एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से सिंचाई विभाग के अन्तर्गत आने वाले समस्त खण्डों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में नहरों, नालों एवं नदियों की वर्तमान स्थिति, उनकी सफाई, मरम्मत, जल प्रवाह, अधिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों की स्थिति तथा नगर क्षेत्रों से नहरों/नदियों में गिरने वाले दूषित जल की समस्या पर गहनता से विचार-विमर्श करने के साथ ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्त आवश्यक कार्यों व टेंडर प्रक्रिया को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार से समस्या का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद की समस्त नहरों एवं नालों की नियमित सफाई एवं मरम्मत कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएं, ताकि जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराना प्राथमिकता में रखा जाए तथा टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां-जहां सिल्ट जमाव अथवा अवरोध की समस्या है, वहां तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान चलाकर स्थिति में सुधार लाया जाए। ग्राीष्म ऋतु के दृष्टिगत तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खण्डीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नहरों एवं नालों का स्थलीय निरीक्षण नियमित रूप से करें। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी वर्षा ऋतु के दृष्टिगत जल निकासी की समुचित व्यवस्था अभी से सुनिश्चित की जाए, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो तथा जनजीवन प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ करें। साथ ही कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। नगर क्षेत्रों से नहरों/नदियों में गिरने वाले दूषित जल की समस्या पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि समस्या के स्थायी समाधान हेतु ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि बिना उपचारित जल को सीधे नदियों में प्रवाहित किए जाने पर रोक लगाई जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य की दृष्टि से यह अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों सिंचाई, नगर निकाय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि समस्या का स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रगति की जानकारी उच्चाधिकारियों को समय-समय पर प्रेषित की जाए। किसी भी प्रकार की समस्या या बाधा आने पर उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, परियोजना निदेशक, उप जिलाधिकारी सिकन्द्राराऊ एवं सादाबाद, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई खण्ड, सहायक अभियंता सिंचाई खण्ड, अधिशासी अभियंता विद्युत, संबंधित खण्डीय अधिकारी, नगर निकायों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।












