
सिकंदराराऊ। कोतवाली में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 48 नवप्रशिक्षित आरक्षियों की पहली तैनाती यहां कोतवाली की गई । जिनमें 39 पुरुष और 9 महिला आरक्षी शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन सभी को फील्ड ड्यूटी के लिए सीधे सिकंदराराऊ कोतवाली भेजा गया है। नवआरक्षियों के आगमन के बाद कोतवाली परिसर में परिचय एवं ब्रीफिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सीओ जे.एन. अस्थाना ने सभी जवानों को कानून-व्यवस्था, जनता से व्यवहार और ड्यूटी की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से दिशा-निर्देश दिए। सीओ ने नवआरक्षियों को बताया कि क्षेत्र में गश्त व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही अपराधियों पर नजर रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई करना और चेकिंग अभियान को सख्ती से लागू करना आवश्यक है। महिला आरक्षियों को विशेष रूप से महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति अभियान और जनता से संवाद बढ़ाने की जिम्मेदारी समझाई गई। उन्होंने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच भरोसे का माहौल बनाना बेहद जरूरी है।अधिकारियों के अनुसार सभी नवआरक्षियों ने कठिन प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी की है। इसमें कानून की जानकारी, अपराध नियंत्रण तकनीक, आपदा प्रबंधन और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। अब ये जवान सीधे क्षेत्रीय ड्यूटी में शामिल होंगे।
इन 48 आरक्षियों की तैनाती से कोतवाली क्षेत्र में पुलिस बल की संख्या बढ़ेगी। इससे संवेदनशील इलाकों में निगरानी और गश्त व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नई तैनाती से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इस दौरान अपराध निरीक्षक अरविंद सिंह , कस्बा इंचार्ज रामनरेश ,एसएसआई नितिन शर्मा समेत अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।












