जैतपुर दिव्य योग कला मंदिर में आयोजित हो रही श्रीमद भागवत

हसायन।क्षेत्र के जयपुर मथुरा बरेली कासगंज राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल हाइवे मार्ग स्थित गांव जैतपुर के दिव्य योग कला मंदिर में आयोजित सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रीमद भागवत कथा में आचार्य कलाधर जी महाराज ने संसारिक मनुष्य प्रवृति में जीवन यापन कर रहे समाज को अपने अपने धर्म के अनुसार ईश्वर की पूजा, भक्ति, आराधना करने से मनुष्य को भगवद प्राप्ति होती है।। आचार्य कलाधर जी महाराज ने कथा में मन स्वरूपा भगवान श्रीराम जन्म,श्रीराम माता जानकी विवाह,वनगमन,सुतीक्ष्ण,शबरी, सुकदेव जी प्रसंग की कथा सुनाई।आचार्य कलाधर जी महाराज ने शुकदेव प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि शुकदेव जी ने काफी समय तक मोह माया से बचने के लिए जन्म ही नही लिया।भगवान द्वारा मोह माया के नही सताए जाने पर शुकदेव जी ने जन्म लिया।उन्होने कहा कि भगवान श्रीराम ने मृत्युलोक में मनुष्य रूप में अवतरित होकर समाज को माता, पिता ,गुरू की आज्ञा का पालन कर मर्यादा में रखकर मनुष्य की पुरूष जाति को उत्तम दृष्टिकोण अपनाकर जीवन यापन करने का संदेश दिया।भगवान श्रीराम जन्म की कथा सुनने के दौरान भक्त भाव विभोर हो गये।
भगवान श्रीराम ने अपने गुरू विश्वामित्र के कहने पर जनकपुर पहुंचकर जानकी से सीता स्वंयवर में धनुष तोड़ कर भगवान श्री विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को अपने भगवान होने का अहसास कराया।भगवान श्रीराम ने अपने पिता दशरथ की आज्ञा मानकर चौदह वर्ष के वनवास के लिए रवाना हो गए।भगवान श्रीराम ने वनगमन के दौरान शबरी के प्रेम के वशीभूत होकर झूठे बेर खाकर समाज में समरसता का संदेश दिया।भगवान श्रीराम ने सुतीक्ष्ण को दर्शन देने के साथ सुतीक्ष्ण के गुरू के आश्रम में पहुंचकर दर्शन दिए।। श्रीमद भागवत कथा में नीरज शर्मा,विपिन शर्मा,आरपी शर्मा, राजकुमार शर्मा,सत्यपाल सिंह, सतेन्द्र सिंह पूर्व रिटायर्ड नेत्र परीक्षण अधिकारी,महीपाल सिंह,ऋषि कुमार,रुद्र प्रताप सिंह,मनोज कुमार जादौन सहित तमाम श्रोता मौजूद थे।












