उपभोक्ता खासे परेशान, कब किस की आपूर्ति बंद हो जाए कोई पता नहीं

अनूप शर्मा
सिकंदराराऊ। कस्बा में विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लोगो के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। प्रीपेड स्मार्ट मीटरों से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। किसी उपभोक्ता का बिल ज्यादा आ रहा है तो किसी का कम। उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली गुल हो जाती है और रिचार्ज के दो दिन बाद तक आपूर्ति बहाल नहीं होती। इस अव्यवस्था से घर-गृहस्थी और व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं ।
बतादे कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बढ़ सी गई है। बकाया होने पर उपभोक्ताओं की विभाग द्वारा बिना सूचना दिए ही आपूर्ति बंद कर दी जाती है। मीटर में पैसा खत्म होते ही उपभोक्ता तत्काल रिचार्ज करता है, लेकिन उसके दो दिन बाद जाकर बिजली सप्लाई शुरू होती है। ऐसे में परिवारों को अंधेरे में रहना पड़ता है और व्यापारियों का काम भी ठप हो जाता है। स्मार्ट मीटर अब लोगों के लिए सहूलियत के बजाय जी का जंजाल बन गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिलिंग में भी विसंगतियां हैं। कई उपभोक्ताओं को पिछले औसत से अधिक बिल मिल रहा है, जबकि कुछ को असामान्य रूप से कम। मीटर रीडिंग, रिचार्ज प्रक्रिया और सर्वर सिंक में देरी के कारण उपभोक्ता लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। शिकायत दर्ज कराने पर केवल झूठे आश्वासन दिए जाते हैं, समस्या जस की तस बनी रहती है। सुबह से शाम तक बिजली घर पर उपभोक्ताओं की खासी भीड़ उमड़ती रहती है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर से हर कोई व्यक्ति खासा परेशान नजर आ रहा है। स्मार्ट मीटरों ने कस्बा के लोगों का जीना दुशवार कर दिया है। गर्मी के मौसम में लगातार बिजली कटौती और रिचार्ज के बाद भी देरी से आपूर्ति बहाल हो रही है। वहीं विद्युत विभाग उपभोक्ताओं के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर में रिचार्ज कब खत्म हो जाए । इसका उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा कोई संदेश भी नहीं दिया जाता है । विभाग द्वारा रिचार्ज पर एडवांस रुपए भी जमा कराए जा रहे हैं। कब किस की आपूर्ति बंद हो जाए इसका भी कोई पता नहीं है ।
जिससे उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति खासा आक्रोश पनप रहा है।












