वैध मेडिकल स्टोर को परेशान न किए जाने की मांग

सिकंदराराऊ। मेडिकल स्टोर एसोसिएशन की एक बैठक बुधवार को आयोजित हुई । जिसमें मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपनी समस्याएं उठाईं। बैठक में दवा विक्रेताओं ने कहा कि कस्बा में दूसरी बार कूड़े के ढेर पर मिली प्रतिबंधित कोडीन फॉस्फेट सिरप की खाली बोतलें अब वैध मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए सिरदर्द बन गई हैं। उनका कहना था कि पहले भी पुराने सरकारी अस्पताल परिसर में ऐसी बोतलें मिलने पर प्रशासन ने कस्बा के सभी मेडिकल स्टोरों पर संघन चेकिंग अभियान चलाया था, लेकिन किसी भी दुकान से कोई प्रतिबंधित दवा बरामद नहीं हुई थी। इसके बावजूद वैध दवा विक्रेताओं को भारी परेशानी और अव्यवस्थाओ का सामना करना पड़ा। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित माहेश्वरी ने कहा कि यदि कस्बा में कोई व्यक्ति या गिरोह इस तरह का अवैध कार्य कर रहा है तो प्रशासन को उसी पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि कस्बा का कोई भी लाइसेंसधारी दवा विक्रेता प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री नहीं कर रहा है, इसलिए बेवजह मेडिकल स्टोर संचालकों को परेशान न किया जाए। दवा विक्रेताओं ने कहा कि सभी दुकानदार अपने लाइसेंस, खरीद-बिक्री के बिल और जरूरी दस्तावेज पूरे रखते हैं। बैठक में यह भी कहा गया कि ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा शेड्यूल-1 दवाओं का रजिस्टर मेंटेन करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके लिए एमबीबीएस डॉक्टरों की आवश्यकता पड़ती है , जबकि कस्बा में ऐसे डॉक्टर बहुत कम हैं। इससे मेडिकल स्टोर संचालकों को दिक्कत हो रही है। दवा विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नारकोटिक्स और स्टेरॉयड श्रेणी की दवाएं जनरल स्टोरों पर बिना लाइसेंस खुलेआम बेची जा रही हैं । जिन पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। बैठक में मुकेश पंडित, शिवम माहेश्वरी, आयुष वार्ष्णेय, निशांत सहाय, दीपक वार्ष्णेय आदि मौजद रहे।












