सासनी तहसील में कार्ररत एक अधिवक्ता के पुत्र के साथ अवांछित तत्वों द्वारा अकारण मारपीट किए जाने तथा जानलेवा हमला किए जाने के विरोध में दि बार एसोसियेशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी नीरज शर्मा को एक ज्ञापन सौंपकर अधिवक्ता के पुत्र पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
मंगलवार को सौंपे ज्ञापन में वकीलों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। बता दें कि गाँव रधनिया निवासी अधिवक्ता सुदर्शन शर्मा के पुत्र संकल्प उपाध्याय पर बीते छह मार्च को कुछ अराजक तत्वों द्वारा जानलेवा हमला किया गया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि हमले में मारपीट के साथ-साथ जान से मारने की कोशिश भी की गई। एसोसिएशन द्वारा दिए गए ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि घटना के चार दिन बाद भी पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। आरोपियों द्वारा परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है। बार एसोसिएशन के सचिव और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है, तो जिले के समस्त अधिवक्ता आंदोलन करने को विवश होंगे। न्याय में देरी अन्याय के समान है। अगर पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो अधिवक्ता समाज चुप नहीं बैठेगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि इस विरोध प्रदर्शन से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की जिम्मेदारी पूरी तरह से शासन और प्रशासन की होगी। इस मौके पर दि बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह, राजन लाल शर्मा, प्रशांत पाठक, मानवीर सिंह वाल्यान, मधुसुदन चैधरी, मधुकर नगाइच, भरत सिंह, राजेश शर्मा, संजीव कुमार सिंह, के पी सुमन, दिनेश कुशवाहा, योगेश शर्मा, गौरीशंकर कुशवाहा, संतोष शर्मा, महेंद्र कुशवाहा, सुभाष कुमार, राजेश लवानिया, राजन सिंह बघेल.पदम सिंह, राजवीर सिंह, वकील तोमर, पंकज गौड़, राजेश गौड़, रजत गौड़,आदि अधिवक्ता मौजूद थे.











