सावधान! गूंगे बनकर किशोर लगा रहे चूना, आपकी हमदर्दी का ऐसे उठा रहे फायदा, गांव हो या शहर बाजार हो या चैराहों पर सक्रिय हुआ गिरोह, पर्ची दिखाकर मांगते हैं मदद शक होने पर बोलने लगते हैं फराटेदार हिंदी।

यदि शहर के किसी व्यस्त चैराहे या बाजार और गांव में कोई किशोर आपके पास आकर हाथ के इशारों से खुद को गूंगा बताए और हाथ में एक पर्ची थमा दे, जिस पर उसकी लाचारी की कहानी लिखी हो, तो सावधान हो जाइए। आपकी एक छोटी सी हमदर्दी आपकी जेब ढीली कर सकती है। क्षेत्र में इन दिनों ऐसे नकली दिव्यांग किशोरों का गिरोह सक्रिय है, जो लोगों की भावनाओं से खेलकर उनसे पैसे ऐंठ रहे हैं।
मंगलवार को गांव रूदायन में भी ऐसे गूंगे किशोरों का गिरोह पहुंचा। जहां लोगों की सक्रियता के चलते गिरोह के एक किशोर को दबोच लिया। और उसके पास एक नोटरी किया हुआ स्टांप मिला जिस पर उसके गूंगे होने का प्रमाण दर्शाया गया था। दैनिक लालसा की एक पडताल में टीम ने जब एक ऐसे ही किशोर का पीछा किया, और गांव में पकडा गया तो चैंकाने वाला सच सामने आया। टीम एवं ग्रामीणों ने कडाई से पूछताछ की तो किशोर बोलने लगा और अपना नाम पता बताने लगा, किशोर ने अपने पिता का एक नंबर 9251020750 दिया, इस नंबर पर कई बार डायल करने के बाद भी काॅल नहीं लगी। जब ग्रामीणों और टीम के सदस्यों ने उसे पुलिस का डर दिखाया, तो वह गूंगा किशोर फराटेदार आवाज में माफी मांगने लगा और मौका मिलते ही भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकला। एक जानकारी के अनुसार यह गिरोह मुख्य रूप से मॉल के बाहर, रेलवे स्टेशन और व्यस्त ट्रैफिक सिग्नल्स पर भी नजर आता है। इनके पास एक लैमिनेटेड पर्ची होती है, जिस पर लिखा होता है कि मैं बोल और सुन नहीं सकता, घर में मां बीमार है, कृपया इलाज के लिए मदद करें। जब कोई व्यक्ति भावुक होकर पर्स निकालता है, तो ये किशोर इशारों-इशारों में ज्यादा पैसों की मांग करने लगते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है। लोगों की मानें तो ऐसे किशोर एक दिन में पांच सौ से एक हजार तक कमा लेते हैं।
sunil sharma
Author: sunil sharma

REPORTER SASNI

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