
रोजगार सेबको करीब तीस माह से मानदेय न मिलने पर रोजार सेवकों में गुस्सा फूट गया। रोजगार सेवक हाथों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर तहसील पहुंच गये और एसडीएम के सामने प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह की चेतावनी देने लगे। तब एसडीएम के समझाने और आश्वासन देने के बाद रोजगार सेवकों का गुस्सा ठंडा हुआ। रोजगार सेवकों ने एसडीएम को अपनी समस्याओं से भरा ज्ञापन सौंपा है।
शनिवार को एसडीएम नीरज शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए रोजगार सेवकों का नेतृत्व करते हुए रोजगार सेवक अध्यक्ष विनोद चैधरी ने बताया सभी रोजगार सेवकों को करीब तीस माह से मानदेय नहीं दिया गया है। उधर खंड विकास अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि खंड विकास अधिकारी ने उनकी बात सुनने के बजाए मानदेय न देने की बात कहकर उन्हें फटकार कर भगा दिया। रोजगार सेवक अध्यक्ष ने कहा कि रोजगार सेवक मानसिक पीडा के साथ आर्थिक स्थिति से गुजर रहे हैं हालांकि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि दो दिन में बैठकर बातचीत कर कोई रास्ता निकालते हुए समस्या का समाधान करेंगे। वहीं अन्य रोजगार सेवकों ने बताया काफी दिनों से मानदेय रुका हुआ है। जनप्रतिनिधियों से लेकर सरकारी हुक्मरान तक वह मौखिक और लिखित में अपनी पीडा बता चुके हैं। मगर समस्या का अभी तक कोई निस्तारण नहीं हुआ है। जिससे उनके परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। रोजगार सेवक हाथों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आत्मदाह की चेतावनी दे रहे थे। मगर एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद सभी का गुस्सा ठंडा हुआ और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में दिनेश कुमार, ललित कुमार, राजेंद्र प्रसाद,गगन कुमार, मधु सेंगर, विमल कुमार,जसवंत सिंह आजाद,मेघा सिंह, अफजल खां,सत्यप्रकास, विनोद चैधरी, मनीष सेंगर, सतीश कुमार, दीपेश कुमार, ललित कुमार, भारतीय शर्मा, बलबीर सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, राजेश बाबू, गोपाल शर्मा,राजीव कुमार आदि मौजूद थे।












