
हाथरस-24 फरवरी। निस्वार्थ सेवा संस्थान द्वारा प्रतिमाह की भांति इस माह भी वृद्ध आश्रम में श्री हरिनाम संकीर्तन का आयोजन भक्ति और प्रेमभाव के साथ किया गया। यह कार्यक्रम न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि बुजुर्गों के जीवन में आनंद और भावनात्मक जुड़ाव भरने वाला एक अनुपम प्रयास भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत हरिनाम संकीर्तन से हुई।
कार्यक्रम में हरे कृष्ण हरे राम के मधुर स्वर जैसे ही वातावरण में गूंजे, तो पूरा आश्रम भक्ति-रस में डूब गया। आश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों के चेहरे पर अद्भुत शांति और प्रसन्नता दिखाई दे रही थी। संकीर्तन के दौरान सभी ने पूरे मन से नाम जप किया और प्रभु के चरणों में अपने भाव अर्पित किए।इस आयोजन का सबसे आकर्षक और भावुक करने वाला भाग बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई श्रीकृष्ण लीलाएं रहीं। छोटे-छोटे बच्चों ने इतनी सुंदर और जीवंत प्रस्तुति दी कि देखने वालों की आंखें भर आईं। बच्चों ने रासलीला, होली लीला, मुद्रिका चोरी लीला सहित श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की अनेक मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं। उनकी मासूम अदाएं, अभिनय और सरल संवादों ने ऐसा माहौल बना दिया, मानो स्वयं श्रीकृष्ण अपने बाल रूप में उपस्थित हों। इन प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे बच्चे सजीव रूप में श्रीमद्भागवत की कथा प्रस्तुत कर रहे हों। पूरा सभागार शांति से बैठा रहा। आश्चर्य की बात यह रही कि लगभग तीन घंटे तक चला कार्यक्रम और एक भी व्यक्ति अपनी जगह से खड़ा नहीं हुआ। सभी बुजुर्ग, सदस्य और दर्शक मंत्रमुग्ध होकर कार्यक्रम देखते रहे। कई बुजुर्गों की आंखों से आंसू बह रहे थे, लेकिन ये आंसू दुःख के नहीं, बल्कि आनंद और भाव-विभोरता के थे।
संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों की यह प्रस्तुति केवल मनोरंजन नहीं थी, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति थी। बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें ऐसा लगा जैसे वे अपने जीवन के सबसे सुंदर क्षणों को फिर से जी रहे हों। कई लोगों ने कहा कि इतने लंबे समय बाद उनके मन को इतनी शांति और आनंद मिला है।इन सुंदर प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले बच्चों में मुरलिका शर्मा, वैभवी शर्मा, चार्मी वाष्र्णेय, भव्या कुलश्रेष्ठ, डॉली वर्मा एवं सिया शर्मा शामिल थीं। इन सभी बाल कलाकारों ने पूरे मनोयोग और श्रद्धा से प्रस्तुति देकर यह सिद्ध कर दिया कि आज की नई पीढ़ी भी हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। अंत में सभी ने संस्थान के सदस्यों और बच्चों को आशीर्वाद दिया और प्रार्थना की कि ऐसे सेवा कार्य निरंतर चलते रहें।
इस अवसर पर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव नीरज गोयल, प्रवक्ता हिमांशु गौड़, सोशल मीडिया प्रभारी सारांश टालीवाल, सह सचिव तरूण राघव, सह सचिव निष्कर्ष गर्ग, ध्रुव कोठीवाल, आशीष अग्रवाल, स्वदेश वाष्र्णेय, लोकेश सिंघल, विशाल सोनी, सौरभ शर्मा, आलोक अग्रवाल, यश वाष्र्णेय, तनिष्क अग्रवाल आदि उपस्थित थे।












