
हाथरस। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की सी.आई.आर.सी की मथुरा शाखा द्वारा शहर के एक रेस्टोरेंट में डिकोडिंग फाइनेंस बजट 2026 विषय पर एक वृहद सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हाल ही में पेश हुए केंद्रीय बजट के तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में समझना और उनके व्यावहारिक प्रभावों का विश्लेषण करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता और मंच संचालन मथुरा शाखा के उपाध्यक्ष सीए लोकेश वाष्र्णेय द्वारा किया गया। उन्होंने बजट की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सत्र की शुरुआत की और वित्तीय परिदृश्य में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला।
सेमिनार के मुख्य वक्ताओं ने बजट के प्रावधानों को अत्यंत सरल और सुबोध तरीके से प्रस्तुत किया। सीए नितिन कंवर ने आयकर में हुए नीतिगत बदलावों और उनके दूरगामी प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बजट की उन बारीकियों से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अवगत कराया जो करदाताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सीए जयेंद्र कुमार तिवारी ने जीएसटी संशोधनों पर केंद्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नए प्रावधानों से व्यापारियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया सरल होगी। तकनीकी सत्र की अध्यक्षता सीए भूषण अग्रवाल ने की।
सेमिनार में हाथरस के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रमुख पेशेवरों में सीए मनीष टालीवाल, सीए गिरधर गोपाल अग्रवाल, सीए दीपेश शर्मा, सीए नितिन कुमार वाष्र्णेय, सीए गीतांश बिंदल, सीए योगेश अग्रवाल, सीए आशीष सिंघल, सीए आकाश दीप गुप्ता, सीए नितिन अग्रवाल, सीए भावना अग्रवाल, सीए शुभान्सु खन्डेलवाल, सीए शुभम अग्रवाल, सीए आयुषी अग्रवाल, सीए अमन अग्रवाल, सीए पुनम अग्रवाल, सीए प्राची अग्रवाल, सीए प्रतीक अग्रवाल, सीए अंजलि वाष्र्णेय, सीए नितिन वाष्र्णेय, सीए कृष्णगोपाल वर्मा, सीए गगन वाष्र्णेय, सीए नारायण अग्रवाल, सीए दीपक शर्मा, सीए नितिन माहेश्वरी एवं सीए नितिन अग्रवाल आदि सदस्य शामिल थे।
सभी प्रतिभागियों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धक व समय के अनुकूल बताया। वक्ताओं ने जिस सरलता से बजट की जटिलताओं को समझाया, उससे सभी प्रोफेशनल सदस्य लाभान्वित भी हुए।









