विज्ञान के प्रचार प्रसार करने पर मिले अवाॅर्डविज्ञान के प्रचार प्रसार करने पर मिले अवाॅर्ड

हाथरस-18 फरवरी। विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाना समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। इसी सोच को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में विज्ञान की स्वीकार्यता को बढ़ावा दिलाने के लिए एक मजबूत प्रहरी के रूप में श्री नेहरू स्मारक भगवानदास इंटर कॉलेज मेंण्डू में कार्यरत विज्ञान शिक्षक गौरव पाठक बहुत शानदार प्रयास कर रहे हैं।
समाज में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों को समाज और लोगों के द्वारा मान्यता प्राप्त हो रही है। बच्चों में जिज्ञासु प्रवृति को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने, सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करने आदि कार्यों के लिए गौरव पाठक को प्रदेश के विजन फाउंडेशन लखनऊ द्वारा विद्या रत्न पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया है। कठोर चयन प्रक्रिया के बाद ही उत्कृष्ट शिक्षक का चयन किया गया है।
इस इवेंट के लिए देश भर के शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे और चयन प्रक्रिया कुल 20 बिंदुओं पर आधारित थी। इस पुरस्कार के लिए देश भर से लगभग 2000 से अधिक शिक्षकों ने अपने आवेदन किए थे। जिनमें से पुरस्कार के लिए अलीगढ़ मंडल के हाथरस जिले के श्री नेहरू स्मारक भगवानदास इंटर कॉलेज मेंण्डू के नवाचारी शिक्षक गौरव पाठक को चयनित किया गया है, जो पूरे मंडल के लिए बड़े गौरव की बात है।
हेल्पलाइन सत्य चेतना के लिए पहला विजनरी अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा शिक्षक को छात्रों में परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए पिछले सात वर्षों से उनके द्वारा चलाई जा रही हेल्पलाइन सत्य चेतना के लिए राजस्थान के कोटा जिले की संस्था द्वारा देश के पहले विजनरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। ये अवॉर्ड देश भर में छात्र-छात्राओं में पढ़ाई एवं परीक्षाओं के तनाव , शंकाओं को दूर करने के लिए मनोवैज्ञानिक तरीके से छात्र हित में कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रदान किया जाता है।
इस अवॉर्ड को देश में पहली बार प्रदान किया गया है। इसका कारण नई पीढ़ी के छात्र-छात्राओं में मानसिक तनाव होने के कारण समाज में हाल फिलहाल हो रही दुर्घटनाएं हैं। शिक्षक गौरव पाठक ने छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। जिसके लिए उनके द्वारा सत्य चेतना हेल्पलाइन की स्थापना की गई। ये हेल्पलाइन बोर्ड परीक्षार्थियों की समस्याओं, शंकाओं और तनाव को दूर करने तथा उन्हें सकारात्मक आत्म चर्चा के लिए प्रेरित करने के लिए बनाई गई है। शुरू में इसको बोर्ड परीक्षा के लिए लागू किया गया था। परंतु अब इसे प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए भी शुरू कर दिया गया है।
शिक्षक गौरव पाठक ने बताया कि उनको प्राप्त ये दोनों सम्मान समस्त शिक्षक समाज तथा उनके विद्यालय का सम्मान है और मैं हमेशा छात्र हित में ऐसे ही कार्य करता रहूंगा। शिक्षक को सम्मान मिलने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार राजपूत, उप प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र सिंह राजपूत, समस्त विद्यालय परिवार, शिक्षक संगठनों और हितैषियों ने बहुत हर्ष जताया है।












