गांव बांधनू में बंदरों का आतंक व्याप्त है। इसके चलते अपने ही घर की छत पर चढ़ी एक महिला छत से गिरकर घायल हो गई, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया।
बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार गांव बांधनू निवासी बलवीर सिंह की करीब 50 वर्षीय पत्नी गुड्डी देवी अपने घर की छत पर कुछ कार्र करने गई थी। बताते हैं कि तभी छत पर बैठे बंदरों ने उसे घुडकी मार दी। जिससे महिला डर गई। महिला ने अपने बचाव में बंदर को भगाना चाहा तो अन्य बंदर गुड्डी की ओर झपटे जिन्हें देखकर गुड्डी देवी घबरा गईं और खुद को बचाने की कोशिश में उसका संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह सीधे मुंह छत से नीचे पक्की सड़क पर जा गिरीं। इस दौरान उसके मुंह से चीख निकल गई। चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण की भीड जुट गई। आनन-फानन में परिजन घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने के कारण उसेे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान गुड्डी देवी ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम परिजनों ने मृतका के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बंदरों को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बंदरों के खतरे के कारण अब अपने ही घरों की छतों पर जाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।












