
हाथरस। यूजीसी बिल के विरोध में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैय्या का धरना आज चैथे दिन भी जारी रहा। उनका यह प्रदर्शन कंचन नगर स्थित उनके आवास के बाहर यूजीसी बिल और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने आ रहे लोगों को भी रोका जा रहा है।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैय्या का यह धरना चार दिन पहले शुरू किया था। जब स्थानीय प्रशासन ने सवर्ण परिषद और अन्य सवर्ण संगठनों द्वारा हाथरस से दिल्ली तक निकाली जाने वाली पदयात्रा को रोक दिया था। प्रशासन ने संगठन के पदाधिकारियों को नजरबंद भी कर दिया था। पहले दिन धरने में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी शामिल हुए थे। वह तीन दिन पहले धरने पर भी बैठे थे, लेकिन अगले दिन धरना स्थल से चले गए। पंकज धवरैय्या ने बताया कि अग्निहोत्री संगठन के कार्यों से बाहर गए थे और जल्द ही धरने में फिर शामिल होंगे।
धरना स्थल कंचन नगर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। पीएसी की भी तैनाती की गई है। पंकज धवरैय्या से मिलने आने वाले लोगों को रोका जा रहा है। पंकज धवरैय्या ने कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह हिंदू सम्मेलनों की अनुमति दे रहा है, लेकिन उनकी पदयात्रा को रोक दिया गया।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैय्या ने घोषणा की है कि उनका धरना 12 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसके बाद यह आमरण अनशन में बदल जाएगा। उन्होंने मांग की है कि या तो प्रशासन उन्हें पदयात्रा की अनुमति दे, या उन्हें प्रधानमंत्री से मिलवाया जाए ताकि वे यूजीसी कानून वापस लेने और एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करने की अपनी मांग रख सकें।












