गौ रक्षा के लिए हाथरस के गौरक्षक युवाओं ने हरिद्वार से इक्कीस लीटर की कांबड उठाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पदयात्रा शुरू की। जब पदयात्रा सासनी पहुंची तो यहां गौरक्षकों और अन्य लोगों ने कांबडियों का पुष्पवर्षा कर जोशीला स्वगात किया।
हाथरस के मुहल्ला नबीपुर निवासी प्रमुख गौ रक्षक और समाजसेवी भोला कुशवाहा ने इस वर्ष कठिन भक्ति यात्रा का संकल्प लिया और हरिद्वार से इक्कीस लीटर की कांबड कंधे पर रखकर पदयात्रा शुरू की। करीब दस दिन से पदयात्रा कर रहे कांबडिया जैसे ही सासनी पहुचे तो वहां मौजूद गौरक्षक एवं अन्य लोगों ने पुष्प वर्षा कर पदयात्रा का जोशीला स्वगात किया। कांबडिया भोला कुशवाहा ने बताया कि उसने यह यात्रा हरिद्वार से शुरू की और मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़ होते हुए अपनी टीम के साथ सासनी पहुंचा है। अ बवह हाथरस में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर गौरक्षा की कामना करेगा। उसने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को गौ रक्षा के प्रति जागरूक करने का एक प्रयास है। कहा, कि गौ माता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और भगवान शिव से मैंने यही प्रार्थना की है कि समाज में गौ वंश के प्रति संवेदनशीलता बढ़े। हरिद्वार से शुरू हुई इस यात्रा में उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वालों में मुख्य रूप से साथी शिवम, हॉर्स, कृष्णा, अंकित, मनोज कुशवाहा, आदि शामिल हैं।












