वृद्धा आश्रम का किया निरीक्षण

हाथरसI वृद्धा आश्रम, ग्राम नगला भूस तहसील हाथरस का निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन वृद्धों के अधिकार व भरण-पोषण, एंव निशुल्क विधिक सहायता पर अनु चैधरी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की अध्यक्षता में किया गया, निरीक्षण के समय प्रभारी अधीक्षिका कोमल सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थें इस समय 62 वृद्ध वृद्धाआश्रम में रह रहे है, उनके रहने खाने पीने के सम्बन्ध में देखा गया तो पाया कि वृद्धों के लिये सभी मूलभूत सुविधाये पर्याप्त पायी गयी। सचिव द्वारा उपस्थित वृद्ध व्यक्तियांे को जानकारी देते हुये बताया कि अगर आप किसी रेल, व बस, आदि में कहीं सफर कर रहें हों और आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो तो आपके लिए उसमें बैठने के निए वृद्धजनों के लिए आरक्षित सीट होती है, तथा ऐसी उम्र वाले व्यक्तियों को किराये में भी छूट मिलती है। बैंकों में वृद्धा जनों के लिए अलग से लाइन होती हैं। जिससे वृद्ध व्यक्तियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। भरण-पोषण के सम्बन्ध में वृद्धों को जानकारी देते हुये कहा कि वर्ष 2007 में एक नया अधिनियम का गठन किया गया है, जिसके अन्तर्गत माता-पिता जिनकी अनदेखी हो और सन्तानहीन वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण का प्रावधान किया गया हो। इस अधिनियम के तहत गठित न्यायालय के समक्ष याचिका दायर करने की तिथि से 90 दिनों के भीतर राहत दिलवाने का प्रावधान है। न्यायाधिकरण दावे को मध्यस्थता के लिए भी भेज सकता है या स्वयं निर्णय कर सकता है और न्यायाधीश को भरण-पोषण के लिये 10,000/- रूपये प्रति माह तक अनुदान देने का अधिकार है।

इसके अतिरिक्त उन्होंनें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डालते हुये बताया कि जिला प्राधिकरण का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाये। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में एक्ट में वर्णित श्रेणी के व्यक्तियों द्वारा विधिक सहायता के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देने पर प्राधिकरण द्वारा जाॅच उपरान्त निःशुल्क अधिवक्ता से परामर्श हेतु आदेश दिया जाता है।

कोमल सिंह, अधीक्षिका ने अपने वक्त में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि इस शिविर में प्राप्त जानकारियों का प्रयोग करें, तथा अपने अधिकारों के आगे बढे़।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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