होटल आभा रेजीडेंसी अलीगढ़ में बैठक में एमडी अखिल गुप्ता व प्रबुद्धजनों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
परिसर में मंदिर, सत्संग भवन, योग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र तथा कुटीर उद्योग होंगे स्थापित
हाथरस/अलीगढ़-27 अगस्त। मानव कल्याण सामाजिक संस्था द्वारा शहर से सटे ग्राम चिंतापुर में सर्वसुविधायुक्त एवं आधुनिक वृद्धाश्रम व अनाथालय का निर्माण कराया जा रहा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य बेसहारा बुजुर्गों एवं अनाथ बच्चों को एक छत के नीचे परिवार जैसा आत्मीय माहौल प्रदान करना है।।
इस पुनीत प्रकल्प की रूपरेखा एवं मार्गदर्शन हेतु अलीगढ़ स्थित होटल आभा रेजीडेंसी में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय ने होटल आभा रेजीडेंसी के प्रबंध निदेशक (एमडी) अखिल गुप्ता एवं अन्य लोगों के साथ परियोजना के आधुनिक स्वरूप, तकनीकी व्यवस्थाओं और कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय ने परियोजना का खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि आश्रम का निर्माण अत्याधुनिक तकनीकों एवं समस्त बुनियादी सुविधाओं से युक्त होगा। इसका मूल उद्देश्य वृद्धजनों और बच्चों को एक पारिवारिक वातावरण देना है, जहाँ बुजुर्गों को बच्चों का निश्चल प्रेम और बच्चों को माता-पिता व अभिभावक के रूप में बुजुर्गों का मार्गदर्शन व स्नेह प्राप्त हो सके।
मार्गदर्शन करते हुए होटल आभा रेजीडेंसी के एमडी अखिल गुप्ता ने कहा कि यह समाज के लिए अत्यंत सराहनीय और ऐतिहासिक पहल है। इस आधुनिक वृद्धाश्रम एवं अनाथालय के निर्माण तथा सभी व्यवस्थाओं को भव्य व सुचारू रूप से संचालित कराने में हमारा पूर्ण सहयोग रहेगा।
संस्था के संरक्षक किशन कुमार गुप्ता ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में उपेक्षित बुजुर्गों और अनाथ बच्चों के लिए ऐसा संयुक्त आश्रय स्थल समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।।
बैठक में अमित वार्ष्णेय, मोहित गुप्ता एवं शुभेंद्र प्रेमी ने संयुक्त रूप से कहा कि इस प्रकल्प में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्तम संस्कार, वृद्धजनों के लिए योग-आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं दोनों पीढ़ियों के भावनात्मक जुड़ाव का जो खाका तैयार किया गया है, वह अद्वितीय है। उन्होंने परिसर को आत्मनिर्भर बनाने हेतु लघु कुटीर उद्योगों की स्थापना के विचार को भी बेहद उपयोगी बताया।परिसर में भव्य मंदिर, सत्संग भवन, हरियाली युक्त वातावरण, विशेष योग व फिटनेस सेंटर तथा प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। बैठक के अंत में सभी ने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।
बैठक में संस्थापक राजीव वार्ष्णेय, संरक्षक किशन कुमार गुप्ता, अखिल गुप्ता, अमित वार्ष्णेय, मोहित गुप्ता, शुभेंद्र प्रेमी आदि उपस्थित थे।












