मातृत्व, सेवा और संस्कार समाज की सबसे बड़ी पूंजी है- श्री महंत गुरु लोचन दास साहिब

ब्रज कला केंद्र ने कैलाश कुमारी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह में अखिलेश गुप्ता सम्मानित
हाथरस। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ब्रज कला केंद्र के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य की माताश्री एवं शहर की प्रमुख समाजसेविका, श्री राधा कृष्ण कृपा भवन की संस्थापिका स्मृति शेष कैलाश कुमारी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन संत तुलसी साहिब आश्रम में वर्तमान मुख्य गद्दीधर श्री महंत गुरु लोचन दास साहिब महाराज की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजकुमार बाजपेयी थे।


कार्यक्रम का शुभारंभ स्मृति शेष कैलाश कुमारी के चित्र पर अध्यक्ष, मुख्य अतिथि एवं साहित्यकारों, समाजसेवियों द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत कैलाश कुमारी स्मृति सम्मान शहर की प्रमुख समाजसेविका श्रीमती अखिलेश गुप्ता को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान एवं जनसेवा के लिए प्रदान किया गया।काव्य गोष्ठी में आशुकवि अनिल बौहरे एवं घुमक्कड़ कवि गाफिल स्वामी ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से स्मृति शेष कैलाश कुमारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं की श्रृंखला में ब्राह्मण सभा के पूर्व अध्यक्ष पं.अविनाश चंद पचौरी एवं पं. ऋषि कुमार कौशिक ने कहा कि माँ केवल परिवार की नहीं, पूरे समाज के संस्कारों की आधारशिला होती है। स्मृति शेष कैलाश कुमारी का जीवन सेवा, सादगी, करुणा और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण था। उनका जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।वरिष्ठ महासचिव वीना गुप्ता एड. एवं संरक्षक जीवनलाल शर्मा ने कहा कि मातृत्व त्याग, प्रेम और सेवा का सर्वोच्च स्वरूप है। स्मृति शेष कैलाश कुमारी ने अपने जीवन में मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए समाज में सेवा और संस्कार की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।।
ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता-पिता का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। स्मृति शेष कैलाश कुमारी ने हमें सेवा, संस्कार, संघर्ष और मानवता का जो मार्ग दिखाया, वही हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। ब्रज कला केंद्र उनके आदर्शों को समाज तक पहुँचाने और सेवा की इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि राजकुमार बाजपेयी को साहित्यकारों एवं समाजसेवियों द्वारा शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।सम्मान के उपरांत राजकुमार बाजपेयी ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि समाज को सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का माध्यम हैं। स्मृति शेष कैलाश कुमारी के नाम पर दिया गया सम्मान समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री महंत गुरु लोचन दास साहिब महाराज ने कहा कि माँ का स्थान ईश्वर से भी ऊँचा माना गया है। जिस परिवार और समाज में मातृशक्ति का सम्मान होता है, वहाँ संस्कार, करुणा और मानवता स्वतः विकसित होती है। स्मृति शेष कैलाश कुमारी जैसी विभूतियों का जीवन समाज को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष हरिशंकर वर्मा, प्रवक्ता कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, डॉ. अनार सिंह, पूजा वर्मा, अनिकेत गोलू, दिनेश गांधी, पन्नालाल, ठाकुर आकाश सिंह, विष्णु कुमार, संजय कप्तान सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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