हाथरस। जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति के सदस्यों द्वारा जिला कारागार अलीगढ़ का संयुक्त रूप से आज निरीक्षण किया गया और जेल में रहने वाले कैदियों की व्यवस्थाओं को देखकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका सुकन्या शांथा बनाम भारत संघ व अन्य में पारित निर्देशन के आलोक में जनपद न्यायाधीश विनय कुमार, जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी एवं समिति के अन्य सदस्यों के साथ जिला कारागार अलीगढ़ का संयुक्त निरीक्षण वरिष्ठ कारागार अधीक्षक, जेलर एवं डिप्टी जेलर की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया।

जनपद न्यायाधीश द्वारा बंदियो से उनके खाने-पीने एवं रहने तथा मुकदमों की पैरवी के संबंध में जानकारी ली गई तथा सभी बंदियों के हाल-चाल भी लिये गए तथा उनको दी जाने वाली दवाइयां आदि के संबंध में जानकारी ली गई। रसोई घर का भी निरीक्षण किया गया तथा महिला बैरक का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय जिला कारागार में समुचित साफ सफाई व्यवस्था पाई गई तथा बंदियों की समस्यायें सुनी गई और उन्हें जानकारी भी दी गई। किसी बंदी द्वारा कोई भी शिकायत नहीं की गई।

जिला कारागार में बंदियों से जाति एवं धार्मिक आधार पर भेदभाव के संबंध में भी जानकारी ली गई तथा उनके हिस्ट्री टिकटों पर भी देखा गया। कुछ हिस्ट्री टिकटों पर अग्रिम तिथि अंकित नहीं थी। इस संबंध में वरिष्ठ अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि उनकी टिकटों पर तिथि अंकित कराया जाना सुनिश्चित करें एवं समस्त सदस्यों ने चिकित्सालय पाठशाला एवं बैरक का भी निरीक्षण किया गया ।












