हाथरस। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने अपने आवास पर पुलिस की तैनाती और घर से बाहर निकलने पर रोक लगाए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कल शाम से ही उनके घर के बाहर और घर के अंदर सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी बैठे हुए हैं। जब वह अपने निजी और आवश्यक कार्यों से घर से बाहर जाने की बात कहते हैं, तो पुलिसकर्मी उन्हें यह कहकर रोक देते हैं कि उन्हें आदेश मिला है कि विवेक उपाध्याय घर से बाहर नहीं जा सकते।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने सवाल उठाया है कि आखिर यह आदेश किस अधिकारी ने दिया है और किस कानूनी आधार पर उन्हें अपने ही घर से बाहर निकलने से रोका जा रहा है? यदि पुलिसकर्मियों की बाकायदा ड्यूटी लगाई गई है, तो वे वर्दी में क्यों नहीं हैं? प्रशासन यह स्पष्ट करे कि उनके घर के अंदर और बाहर सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों को किस उद्देश्य से तैनात किया गया है।उन्होंने कहा है कि मेरे भी निजी काम हैं, पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं और सामाजिक दायित्व हैं। क्या अब मुझे अपने जरूरी काम से घर से बाहर निकलने के लिए भी पुलिस की अनुमति लेनी पड़ेगी? पुलिसकर्मियों का यह कहना कि उन्हें ऊपर से आदेश मिला है, अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। यदि कोई आधिकारिक आदेश है, तो उसकी जानकारी और कानूनी आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि घर के अंदर और बाहर सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों की लगातार मौजूदगी और घर से बाहर निकलने पर रोक लगाए जाने से उन्हें अब पुलिस से ही अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना, अपनी बात रखना और अपने निजी कार्यों के लिए स्वतंत्र रूप से आवागमन करना महत्वपूर्ण नागरिक अधिकार हैं। यदि किसी व्यक्ति के आवागमन पर रोक लगाने का कोई वैधानिक आधार है, तो प्रशासन को उसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। बिना स्पष्ट कारण और आदेश की जानकारी दिए किसी व्यक्ति को घर से बाहर निकलने से रोकना अनेक सवाल खड़े करता है।विवेक उपाध्याय ने पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। उनके आवास पर तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, उन्हें दिए गए निर्देशों और घर से बाहर निकलने पर रोक लगाने के आदेश का आधार स्पष्ट किया जाए।।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने कहा कि मैं कानून का सम्मान करता हूं और प्रशासन से भी अपेक्षा करता हूं कि वह कानून के दायरे में रहकर कार्य करे। मुझे यह जानने का अधिकार है कि मुझे किस आदेश के तहत घर से बाहर जाने से रोका जा रहा है। मेरी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है और इस पूरे मामले में तत्काल जवाबदेही तय होनी चाहिए।












