मेला की सुरक्षा में 1000 पुलिसकर्मी होंगे तैनात- एसपी: मेला में 120 एआई कैमरे व 14 स्थानों पर लगेंगे वाटर कूलर- मीड
दाऊजी मेंला जिले की आस्था, परंपरा,संस्कृति व गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक महोत्सव है-एसपी 24*5 मेला की सुरक्षा में 1000 पुलिसकर्मी होंगे तैनात: मेला में 120 एआई कैमरे व 14 स्थानों पर लगेंगे वाटर कूलर- एडीएम: संपूर्ण मेला क्षेत्र 9 जोन व 9 सेक्टरों में होगा विभाजित, रहेगी कड़ी निगरानी-एएसपी
हाथरस। ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव बल्देव छठ 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाले ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं जनमानस की आस्था के प्रतीक 115वें तृतीय प्रांतीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के भव्य आयोजन को लेकर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में मेला संयोजकों एवं समन्वयकों के साथ बैठक कर चर्चा की और मेले में आयोजित किये जाले वाले सभी कार्यक्रमों को परंपरागत, भव्य एवं गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित कराने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में आयोजित होने वाले लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज का शुभारंभ गणेश चतुर्थी के अवसर पर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ तथा बल्देव छठ से मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। उन्होंने कहा कि मेले में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को परंपरागत रूप से संपन्न कराने के लिए मेला संयोजकों एवं समन्वयकों के साथ कार्यक्रमों तथा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज मेला जनपद की आस्था, परंपरा और गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। मेले की प्रतिष्ठा केवल उसकी भव्यता से नहीं, बल्कि अनुशासन, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के अनुभव से निर्धारित होती है। उन्होंने मेला संयोजकों एवं कार्यक्रम आयोजकों से अपील की कि सभी कार्यक्रमों की समयबद्ध रूप से कार्ययोजना तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि संबंधित सेक्टरों में पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यक्रम में अनुशासनहीनता अथवा सुरक्षा व्यवस्था से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। आयोजकों द्वारा आमंत्रित किए जाने वाले कलाकारों, पहलवानों एवं विशिष्ट अतिथियों की जानकारी, कार्यक्रम का समय, अनुमानित भीड़ तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की सूचना पूर्व में मेला प्रशासन एवं पुलिस को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि दंगल कार्यक्रमों में किसी प्रकार की अव्यवस्था, विवाद अथवा अमर्यादित व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील अथवा आपत्तिजनक गीतों तथा राजनीतिक प्रचार से पूर्णतः परहेज किया जाए। मंच कलाकारों की प्रस्तुति के लिए है, इसलिए अनावश्यक स्वागत-सम्मान में कार्यक्रम का अधिक समय व्यर्थ न किया जाए। कलाकारों को निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाना तथा दर्शकों के समय का सम्मान करना आयोजकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मेला संयोजक स्वयं को केवल आयोजक न समझें, बल्कि मेले की प्रतिष्ठा के कस्टोडियन के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड अथवा सुरक्षा व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ न की जाए। किसी अतिरिक्त पुलिस बल, चेंजिंग रूम अथवा अन्य सुविधा की आवश्यकता होने पर इसकी सूचना कम से कम एक दिन पूर्व उपलब्ध कराएं। बाहर से आने वाले कलाकारों एवं अतिथियों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों के आधार पर इस वर्ष मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। मीना बाजार के निकास मार्ग को सुगम किया गया है तथा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जूता-चप्पल रखने, शेड एवं टोकन आदि की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि पेयजल सहित छोटी-छोटी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, कार्यक्रम स्थलों पर दर्शकों की सुविधा एवं कलाकारों के बेहतर अनुभव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित जाए।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज मेला जनपद की आस्था, परंपरा, संस्कृति एवं गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक महोत्सव है। सभी की कामना है कि यह महोत्सव इस वर्ष नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाओं के साथ सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण उपलब्ध हो। मेले की सफलता के लिए प्रशासन, पुलिस एवं मेला संयोजकों को आपसी समन्वय, सहयोग एवं टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी मेला संयोजकों से अपने स्तर पर स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने की अपील की, ताकि श्रद्धालुओं की सहायता एवं छोटी-मोटी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी संयोजक निर्धारित परमिट एवं नियमों का पालन करते हुए मेले को अपना महोत्सव समझकर उसकी गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने विशेष रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा तथा नारी सम्मान का ध्यान रखने की अपील की। ऐसे गीत, कार्यक्रम अथवा आयोजन न किए जाएं, जो मेले की गरिमा अथवा महिलाओं के सम्मान के विपरीत हों। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिक एवं कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिसमें लगभग 300 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। मेले की भीड़ बढ़ने के साथ पुलिस बल एवं चौकियों की व्यवस्था को आवश्यकता के अनुसार गतिशील रूप से बढ़ाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने संयोजकों से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सौजन्यपूर्ण एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मेले से पूर्व सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं आमजन के साथ बेहतर एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि मेले की सफलता सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन एवं पुलिस 24×7 मेला संयोजकों एवं श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तत्पर रहेगी।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशांत तिवारी ने मेले में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किए जाने हेतु की गई तैयारियों के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत 120 एआई कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी तीन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से की जाएगी। इन एआई कैमरों के माध्यम से लोगों की गतिविधियों के साथ-साथ उनके बीच होने वाली बातचीत को भी सुना जा सकता है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को पेयजल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेले के 14 प्रमुख स्थलों पर वाटर कूलर स्थापित किए जाएंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने मेले के दौरान कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए रूट डायवर्जन सहित आवश्यक व्यवस्थाओं पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मेले में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान किसी भी प्रकार की अश्लीलता अथवा निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि में साउंड सिस्टम का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित संयोजक की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। उन्होंने सभी संयोजकों से पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर की तैनाती करने की अपील की, ताकि व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग मिल सके। उन्होंने बताया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र को 9 जोन एवं 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, संयोजक एवं समन्वयक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।











