हाथरस। मंडी समिति परिसर में देश की राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षर अभियान चलाकर आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई है। अभियान के माध्यम से मांग की गई है कि आरक्षण का आधार जाति नहीं, बल्कि गरीबी और आर्थिक स्थिति हो, ताकि देश के प्रत्येक गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्ति को समान रूप से आरक्षण का लाभ मिल सके।।
अभियान के दौरान आरक्षण सुधार—सबका अधिकार, सबकी आवाज का संदेश देते हुए निष्पक्षता, पारदर्शिता, समान अवसर, योग्यता आधारित व्यवस्था, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता को प्राथमिकता देने की बात कही गई।आयोजकों ने कहा कि संविधान लागू होने के 76 वर्षों के बाद भी देश का गरीब व्यक्ति अनेक कठिनाइयों के बीच मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने को मजबूर है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि गरीब व्यक्ति को अब तक आरक्षण का अपेक्षित लाभ क्यों नहीं मिल पाया? आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होने से जातिवाद के मकड़जाल को कम करने में मदद मिलेगी तथा सामाजिक भेदभाव, असंतोष और वर्गीय दूरी को समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जा सकेगा। इससे योग्यता के साथ समान अवसर उपलब्ध कराने और समाज के प्रत्येक वर्ग के गरीब व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।अभियान के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि समान अवसर के साथ एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट भारत का निर्माण तभी संभव है, जब विकास और अवसर का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
आयोजकों ने मांग की है कि आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जाए जिसमें गरीबी, आर्थिक पिछड़ापन और वास्तविक जरूरतमंद को प्रमुख आधार बनाया जाए। उनका कहना है कि सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक समानता को मजबूत करना राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए आवश्यक है।यह हाथरस की आवाज जंतर मंतर पर आंदोलन में साथ मिलकर एक राष्ट्र और एक नागरिक की आवाज़ बने।आरक्षण सुधार—सबका अधिकार, सबकी आवाज के संकल्प के साथ हस्ताक्षर अभियान को आगे भी जारी रखने का आह्वान किया गया और जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन देश की राष्ट्रपति के नाम दिया जायेगा।।
अभियान में प्रवीन वार्ष्णेय, राजेश वार्ष्णेय, अनिल अग्रवाल, रवि कुमार गुप्ता, मुरारी चौधरी, भानुप्रकाश वार्ष्णेय, कन्हैया शर्मा, अंकुर अग्रवाल, नीतेश वार्ष्णेय,प्रवीन कोठरी,शिवशंकर गुलाठी आदि लोग उपस्थित थे।









