एक ढाई वर्षीय बालक समेत चार लोग हुए घायल नोएडा से उन्नाव जा रही थी कार उन्नाव में एक रिश्तेदार के घर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले था परिवार एनएच 34 के एटा रोड स्थित गांव उमरावपुर पर हुआ हादसा

सिकंदराराऊ । एनएच 34 के एटा रोड स्थित गांव उमरावपुर के निकट रविवार तड़के 3 बजे करीब नोएडा की ओर से आ रही एक होंडा ब्रियो कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो सगे मामा एवं एक भांजे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ढाई वर्षीय बालक समेत चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां से सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। कार में एक ही परिवार के सात लोग सवार थे।
बताया जाता है कि रविवार की रात्रि को एक होंडा ब्रियो कार में एक परिवार सवार होकर नोएडा से उन्नाव जा रहा था। कार रात्रि 2:50 बजे करीब एटा रोड स्थित गांव उमरावपुर के समीप पहुंची। तभी कार के सामने अचानक एक अन्य कार आ गई। ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाया । जिससे कार बेकाबू होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार करीब 100 किमी/घंटा की रही होगी। हाईवे के किनारे खड़ी कार से टकराने से बचने की कोशिश में कार 4-5 बार पलटी और करीब 20 मीटर तक फिसलती चली गई। हादसे में हरदोई के बालामऊ थाना क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय रामजी और दोनों मामा गंज मुरादाबाद के आलापुर कोर्ट थाना निवासी अवधेश 35 वर्ष और जगतपाल 50 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई और उन्नाव के बांगरमऊ थाना क्षेत्र निवासी राजीव पाल 30 वर्ष उनकी पत्नी गोल्डी 28 वर्ष, उनका ढाई वर्षीय पुत्र नक्श और रिश्तेदार माया 40 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू कर घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया । जहां से चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया । पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। हादसे में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई । मृतक रामजी के घायल जीजा राजीव पाल ने बताया-हम सभी नोएडा में एकमूर्ति में किराए के मकान में रहते हैं। कार वॉशिंग का काम करते हैं। उन्नाव में एक रिश्तेदार के घर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। 185 किलोमीटर का रास्ता तय करके सिकंदराराऊ पहुंचे थे। मेरा साला रामजी कार चला रहा था। बाकी सब लोग कार में सो रहे थे। रात करीब 2:50 बजे जोर का झटका लगने से नींद खुली तो देखा कार पलटी हुई थी। पीछे बैठा मेरा परिवार बुरी तरह जख्मी था। गोद में बैठा मेरा बेटा भी घायल था। उनके कराहने की आवाजें आ रही थी।









