सावन कृपाल आश्रम पर साप्ताहिक सत्संग में उमड़ी भक्तों की भीड़ : अव्वल अल्ला नूर उपया कुदरत के सब बंदे, एक नूर से सब जग उपजा कौन भले कौन मंदे

हाथरस। सावन कृपाल रूहानी मिशन के बैनरतले मिशन की शाखा कृपाल आश्रम गौशाला मार्ग पर साप्ताहिक आध्यात्मिक सत्संग आयोजित किया गया।सत्संग ऑडियो वीडियो के माध्यम से दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज और मिशन के प्रमुख व विश्व विख्यात आध्यात्मिक संत राजिंदर सिंह जी महाराज की पवित्र वाणी में श्रवण कराया गया।।
सत्संग में महाराज जी ने सृष्टि के बारे में समझाया और कहा कि प्रभु ने यह सृष्टि क्यों रची? सृष्टि की रचना में मनुष्य के अलावा प्रभु ने कई प्रकार के और अन्य जीवों को भी पैदा क्यों किया? जब हम इसकी खोज में आगे बढ़ते हैं तो इसकी उत्सुकता और बढ़ती जाती है। धीरे धीरे सृष्टि आगे बढ़ी और परमात्मा की असीम कृपा से समय समय पर इस संसार में प्रभु रूप में महापुरुषों का आगमन हुआ। उन महापुरुषों ने ही परमात्मा के रहस्य को अपने अपने निज अनुभवों के आधार पर प्रस्तुत किया। साथ ही साथ उन सभी महापुरुषों ने चौरासी लाख जीव योनियों के बारे में जानकारी दी।


उन्होंने यह भी बताया कि इन सभी योनियों में मानव योनी सर्वश्रेष्ठ है। क्योंकि मनुष्य योनि में वो सारे पदार्थ हैं, जो पिता पर्मेश्वर को जानने में हमारी मदद करते हैं।
महाराज जी ने आगे समझाया कि जब प्रभु ने सृष्टि की रचना की तब उनके अंदर एक हिलोर उठी, जिससे दो शक्तियाँ प्रकट हुईं। जिन्हें ज्योति और श्रुति के नाम से जाना जाता है और अनेक खंड मंडलों की भी रचना की और उन मंडलों में बसने के लिए अपने ही मूल स्वरूप से अनेकों अनेक आत्माओं को बनाया। इस तरह हम सब के भीतर जो जान बसती है, वह प्रभु की ही अनमोल देन है। जिसे हम आत्मा के रूप में जानते हैं।
इसी कड़ी में ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विद्यालय निकट अनाज मंडी से आयीं बहन शांता कुमारी ने कबीर साहेब जी की वाणी-अव्वल अल्ला नूर उपया कुदरत के सब बंदे, एक नूर से सब जग उपजा कौन भले कौन मंदे। के माध्यम से अपना पावन संदेश दिया। उनके द्वारा समझाया कि हम सब में एक शक्ति,एक ही नूर समाया हुआ है,जिसे प्रभु की ज्योति, शब्द, नुक्ताए सवेदा आदि नामों से भी जाना जाता है। उनके द्वारा सभी साध संगत को नशा मुक्त भारत बनाने अर्थात किसी भी तरह का नशा न करने के लिए प्रेरित किया। और सभी को नशा न करने का संकल्प दिलाया।।
सत्संग के दिन शाखा पर छोटे बच्चों हेतु बाल सत्संग, गरीब व जरूरतमंद माताओं, बहनों व छात्र छात्राओं हेतु निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र,निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया गया। इन सब के साथ साथ शाखा पर निःशुल्क एलोपैथिक, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक चिकित्सा भी उपलब्ध कराई गयी। जिस पर अनुभवी व योग्य चिकित्सक द्वारा जरूरतमंद लोगों के स्वास्थ्य की जाँच की गयी। आवश्यकतानुसार सभी मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गयीं।


अंत में सभी संगत हेतु लंगर प्रसाद वितरित किया गया, जिसे सभी साध संगत ने बड़े ही चाव के साथ ग्रहण किया। इस आयोजन की सभी गतिविधियों को सही रूप से संचालित करने में मिशन के कर्मठ सेवादारों व शाखा की प्रबंध समिति के सक्रिय सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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