चुनाव का कार्य समाज का है: आरोप लगाना आसान- श्री अग्रवाल सभा चुनाव अधिकारी

हाथरस। श्री अग्रवाल सभा के आगामी 16 अगस्त को आयोजित होने वाले विभिन्न पदों के लिए चुनाव मतदान के लिए अग्रवाल सभा की चुनाव कमेटी द्वारा विधिवत तरीके से चुनाव की प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है और चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से संपन्न कराए जाने हेतु पहली बार चुनाव की विधिवत प्रक्रिया को अपनाया गया है। हालांकि इस प्रक्रिया से कुछ लोगों को आपत्ति हो रही है, जबकि यह प्रक्रिया भविष्य के लिए एक मजबूत व स्थायी नींव मानी जा रही है और आगामी भविष्य में भी चुनाव इसी तरह स्पष्टता व पारदर्शिता के साथ आयोजित हो सकेंगे।

श्री अग्रवाल सभा की चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव अधिकारी देवेंद्र गोयल रंग वाले एवं दीपेश अग्रवाल सर्राफ ने कहा है कि अग्रवाल सभा की मीटिंग में चुनाव कराने के लिए सर्वसम्मति से हम पांच लोगों को चुनाव अधिकारी बनाया गया था, और कहा गया था कि आप अपने हिसाब से चुनाव कराने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। चुनाव के लिए कुछ दिन बाद ही चुनाव कमेटी ने चार दिन बाद ही एक नियम, नियमावली जारी कर दी थी, उसमें साफ लिखा हुआ था कि 5 अगस्त को नामांकन का आखिरी दिन है और समय सीमा कुछ नहीं थी। समाज के काम सभी के सहयोग से होते हैं। उन्होंने कहा है कि अगर कोई मेरे पास घर पर भी अगर 5 तारीख को लेकर आएगा चुनाव का नामांकन तो मुझे लेना पड़ेगा। समाज का काम है, कोई सरकारी कार्यालय नहीं था और 6 तारीख की जो कह रहे हैं, वह 6 तारीख के बारे में कहना सरासर गलत है। 6 तारीख को कोई भी नाम नहीं लिया गया। 6 तारीख को नामांकन जांचने का समय था, तो नामाकंन जांचने के बाद शाम को 4 बजे 6 तारीख को ही लिस्ट जारी कर दी गई थी।

श्री अग्रवाल सभा के चुनाव अधिकारी दीपेश अग्रवाल सर्राफ का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के कार्य के दौरान कुछ लोगों द्वारा भारी संख्या में उनके प्रतिष्ठान पर आकर उन पर बेवजह दबाव बनाने का प्रयास किया गया, जो कि ठीक नहीं है। समाज के कार्य में इस तरीके की हरकतें समाज के लिए अच्छी परिचायक नहीं हैं।। श्री अग्रवाल सभा के चुनाव अधिकारियों का कहना है कि समाज के कार्य के लिए समाज द्वारा ही उन्हें चुनाव अधिकारी का दायित्व सौंपा गया था और उस दायित्व का निर्वहन करने में जब स्पष्टता और पारदर्शिता अपनाई जाएगी तो कुछ लोगों को बुरा लगना स्वाभाविक है। लेकिन वह और हम समाज से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि आरोप लगाना आसान है,लेकिन जमीन पर कार्य करना कठिन होता है।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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