सिकंदराराऊ । पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की भक्ति का महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रावण मास भगवान शिव को समस्त मासो में सबसे प्यारा है। इस मास में भक्त भगवान शिव की आराधना कर उन्हें प्रसन्न करने का यत्न करते हैं। श्रावण मास के प्रारंभ होते ही चहुंओर कांवड़ियों के जत्थे ही जत्थे नजर आते है। भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ कांवड़िये पूरे उत्साह के साथ शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ियों की संख्या में शनिवार को बढ़ोतरी हुई है। कुल मिलाकर, श्रावण मास में हर तरफ भगवान आशुतोष के जयकारों की गूंज है। बोल बम, बम-बम, हर-हर महादेव और जय शंकर के जयघोषों के साथ भक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए गंगाघाटों से कांवड़ में पवित्र गंगा जल भरकर उनका जलाभिषेक करते है । जिससे भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तो की मनोकामनाएं पूर्ण करते है। कांवड़ियों के जत्थे के गुजरने से वातावरण शिव भक्तिमय हो जाता है। कांवड़ियों के पैरो में बंधे घुंघरू छम छम कर लोगों को मोहित करते दिखाई देते हैं।
ज्यादातर संख्या में डाक कांवड़ नजर आई । कांवड़ियों ने वाहनों पर भी डीजे लगाया और रंग-बिरंगी झालरों से भी सजाया है। इसके साथ ही कांवड़ियों की टोली के वाहनों पर भगवान शंकर की मूर्ति भी लगी दिखी। वहीं, कांवड़ मार्ग रात में पूरी तरह रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। डाक कांवड़ के अलावा बड़ी कांवड़ के साथ जत्थों में भक्त आ रहे हैं।









