सिकंदराराऊ। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष नरेश चतुर्वेदी एवं नगर अध्यक्ष राजेंद्र सूफी के नेतृत्व में प्राइवेट स्कूलों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह चौहान को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि आरटीई अधिनियम 2009 को लागू हुए 15 वर्ष से अधिक हो चुके हैं ,परंतु आरटीई के अंतर्गत बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि अभी तक 450 रुपए प्रति माह की दर से ही भुगतान किया जा रहा है ,जबकि अन्य राज्यों में अपेक्षाकृत अधिक भुगतान किया जा रहा है। आज की महंगाई की स्थिति को देखते हुए धनराशि 1500 रुपए प्रतिमाह किया जाए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उत्तर प्रदेश शासन के आदेश में 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को आवेदक अनुशंसानुसार की अनुशंसा अनुसार पूर्णतया स्वैच्छिक रखा गया है। उक्त विद्यालय भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भावनाओं हेतु अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों को सरल एवं सुगम तथा व्यवहारिक बनाया जाए। यू डाइस कोड में नई शिक्षा नीति के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में नर्सरी से यूकेजी तक प्री प्राइमरी कक्षाओं को जोड़ा जाए जिससे नई शिक्षा नीति का शासन के अनुरूप सभी विद्यालय क्रियान्वयन कर सकें। नवीन मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों को अति शीघ्र यूडाइस कोड आवंटित किए जाएं जिस से बच्चों को यूडाइस पर सभी स्कूल संचालक समय से दर्ज कर सकें । ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष नरेश चतुर्वेदी, नगर अध्यक्ष राजेंद्र सूफी, यशपाल सिंह , पंकज पचौरी, राजकुमार सिंह ,रवि शर्मा, गुलजार गांधी, बृजेश यादव, आदित्य बघेल , रमेश चंद्र, जयप्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे ।









