हाथरस।थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा सराहनीय कार्य करते हुए ऑनलाइन गेमिंग , बैटिंग वेबसाइट्स व अन्य एप्प के माध्यम से ठगी करने एवं फर्जी खाते खुलवाकर उन खातों में विभिन्न राज्यो से गेमिंग एवं बैटिंग के माध्मय से मोटी रकम के लिये खुलवाये गये फर्जी खातों में डलवाकर भोले भाले लोगों के साथ साइबर ठगी व फ्रॉड करने वाले शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुये गैंग के 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस कार्यालय पर आज आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के आदेशानुसार साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम मे अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन मे थाना साइबर क्राइम पुलिस की कार्यवाही मे मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए मथुरा बरेली हाइवे के नीचे अंडरपास के निकट मेंण्डू थाना हाथऱस जंक्शन से 4 शातिर साइबर अपराधियों (गैंग) को गिरफ्तार करने की सफलता प्राप्त की है। जिनके कब्जे से 1 अदद टैब, 7 मोबाइल स्मार्टफोन, 17 सिम कार्ड, 9 पासबुक, 11 चैक बुक, 2 चैक, 15 मौहरे, 8 एटीएम कार्ड, 5 क्यूआरकोड, 2 ट्रेड बुक, 1 स्टाम्प पैड व बैंक ओपनिंग फार्म व जीएसटी सर्टिफिकेट, नोन जुडिशयल स्टाम्प पेपर व अन्य कागजात , 8 आधार कार्ड व 5 हजार रुपये बरामद हुए है ।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी व घटना के मास्टरमांइडों में से एक माधव शर्मा पुत्र रामभरोसे निवासी चमरुआ थाना मुरसान ने बताया कि मैं पहले ऑनलाइन star66.co website / गेमिंग एप पर पैसे जमा कराकर जुआ खेलता था, जिसमे मैं कभी पैसे जीत जाता था व कभी हार जाता था । इस गेमिंग एप्प पर आरोपी माधव शर्मा द्वारा ज्यादा रकम जमा व निकालने की वजह से उसी वेबसाइट पर माधव शर्मा का संपर्क वेबसाइट चलाने वाले कुछ व्यक्ति से हुआ और व्हाट्सएप पर बातचीत होना शुरु हो गयी । वेबसाइट चलाने वाले इन व्यक्तियों द्वारा माधव शर्मा को बताया गया कि वह लोग साइबर फ्राड के जरिये भोले भाले लोगों के एकाउन्ट से कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी यह कहकर कि आपके एकाउण्ट कि केवाईसी नही हुयी तो आपका एकाउण्ट बन्द हो जायेगा । ग्राहक भय की वजह से ओटीपी दे देता है या कभी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कि आपके एकाउण्ट मे हवाला का पैसा आया है। अगर आप अपने एकाउण्ट की डिटेल व ओटीपी नही देगे तो हम आपके खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेज देगे, तो व्यक्ति मुकदमा लिखकर जेल जाने के डर से हमारे एकाउण्ट मे पैसे ट्रान्सफर कर देता है या अपना ओटीपी पासवर्ड बता देता है। जिससे हम बैंक से पैसे चोरी कर लेते है या कभी व्हाटसएप के माध्यम से यह लोग ,भोले भाले लोगों के फोन में व्हाट्सएप के माध्यम से वायरस भी डाल देते हैं, जो APK फाइल/APP के रुप मे होता है, जो स्वतः ही मोबाइल ओनर की ओटीपी पासवर्ड व अन्य महत्वपूर्ण बैंकिग जानकारी चोरी कर हमारे सिस्टम पर भेज देता है । जिससे वह मोबाइल हैक कर लेते है व उसके बैंक के एकाउण्ट से पैसो की चोरी कर लेते है । जिस पैसे को वह अपने साथी व्यक्तियो के एकाउण्ट मे ट्रांसफर करके पैसे निकाल लेते है ।इसके लिये उन्हें सेविंग व करन्ट एकाउण्ट की जरुरत पड़ती है । यदि हम उन्हें वह सेविंग व करन्ट एकाउण्ट प्राप्त करा देगें तो आपके खातों मे जितने भी पैसे आयेगे, उसका अच्छा खासा कमीशन वह लोग हमको दिया करेंगे । यह बात मैंने अपने दोस्तों दुर्गेश कुमार पुत्र नीरज कुमार निवासी गुउडा बहरामपुर थाना खन्दौली आगरा, कन्हैया सिंह पुत्र देवी सिंह व दीपक शर्मा उर्फ दीपू पुत्र महेशचन्द्र निवासी जारऊ सादाबाद को बतायी। दुर्गेश कुमार, कन्हैया सिंह व दीपक शर्मा भी मेरी बातों में आकर सहमत हो गये थे और इस तरह हम लोग उज्जैन के एक व्यक्ति के अन्डर में साइबर अपराध करने लगे।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किये गये अन्य तीन व्यक्ति दुर्गेश कुमार, कन्हैया सिंह व दीपक शर्मा ने अपनी पूंछताछ में माधव के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से अपने नाम के फर्जी आधार कार्ड बनाकर ,आधार कार्ड पर फर्जी कम्पनियां बनाकर बैंको मे सेविंग व करन्ट एकाउण्ट खुलवाने तथा अन्य दोस्तो को भी इस साइबर फ्राड की स्कीम को समझाकर उनके भी खाते खुलवाने एवं फर्जी एकाउण्ट मे जो भी कमीशन का पैसा आता था । आपस मे बराबर हिस्सों में बाटने की बात कबूली है । इसके साथ साथ इन चारों व्यक्तियो ने अपनी अपनी पूछताछ में इन लोगो के एकाउण्ट मे जो साइबर फ्रॉड का पैसा आया उसमे से आधा पैसा एकाउण्ट होल्डर को देने व आधा पैसा आपस मे बराबर बराबर बाँट लेने की बात भी कही है । आरोपियों ने यह भी बताया कि हम चारों लोगों के साथ मिलकर जो और अन्य लोग ये काम कर रहे हैं व कई कई करोड़ रुपये का ट्रान्सफर कर लेते हैं जिससे हमे भी लाखो मे कमीशन मिल जाता है । हमारे फर्जी आधार कार्ड व फर्जी आधार के आधार पर बनायी गयी कम्पनियो के नाम से एकाउण्ट खुलवाने पर हम सभी को लाखो मे आमदनी होती है।। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक आशीष कुमार सिंह साइबर क्राइम थाना, उपनिरीक्षक सचिन चौधरी, उपनिरीक्षक नवीन कुमार, हे.का.हरेन्द्र मलिक, हे.का. शहादत अली, हे.का. सुरेन्द्र सिंह, का.ललित कुमार सिंह, अंकित कुमार, अमित वैदवान, राजीव कुमार,मोहित चौधरी, हर्षित चौधरी , म.का.शिल्पी व मोन्टी शामिल थे।









