शिव-पार्वती विवाह की दिव्य झाँकी ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर: कथा पंडाल हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान

हाथरस। गौशाला रोड स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में गौमाता, श्री गिरिराज भगवान एवं पंडित श्री गयाप्रसाद जी महाराज की तपोभूमि में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के द्वितीय दिवस आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने परीक्षित-शुकदेव संवाद, भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को प्रदत्त सांख्य योग का दिव्य उपदेश, ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना, भीष्म स्तुति, सती चरित्र, माता पार्वती की कठोर तपस्या तथा भगवान शिव-पार्वती विवाह का अत्यंत भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वर्णन किया।


कथा व्यास ने कहा कि राजा परीक्षित और श्री शुकदेव जी का संवाद संसार के प्रत्येक जीव के लिए आदर्श है। जब जीवन का अंतिम समय निकट हो, तब मनुष्य को समस्त सांसारिक मोह का त्याग कर भगवान के नाम, कथा और भक्ति में अपने मन को लगाना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा ही मनुष्य को भय, मोह और जन्म-मरण के बंधन से मुक्त करने का मार्ग दिखाती है।महाराज श्री ने भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को बताए गए सांख्य योग का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य जब अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर भगवान की निष्काम भक्ति करता है, तभी उसे संसार के दुखों से मुक्ति प्राप्त होती है।। उन्होंने बताया कि भक्ति के बिना ज्ञान और वैराग्य अधूरे हैं।
कथा में ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना का भी सुंदर वर्णन किया गया। कथाव्यास ने बताया कि सम्पूर्ण सृष्टि भगवान की दिव्य शक्ति से संचालित होती है तथा प्रत्येक जीव का परम लक्ष्य भगवान की भक्ति प्राप्त करना है।
इसके उपरांत सती चरित्र, माता पार्वती की तपस्या एवं भगवान शिव-पार्वती विवाह का अत्यंत मनोहारी वर्णन किया गया।महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह त्याग, तपस्या, श्रद्धा, समर्पण और सनातन संस्कृति के आदर्शों का अनुपम संदेश देता है। माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया, जो दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है।
कथा के दौरान भगवान शिव-पार्वती विवाह की मनोहारी झाँकी प्रस्तुत की गई। झाँकी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे तथा पूरा कथा पंडाल हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों से गुंजायमान हो गया। श्रीकृष्ण गौशाला का विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा, जहाँ श्रोताओं ने कथा एवं झाँकियों का भक्तिभाव से आनंद लिया।आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव स्वयं वैष्णवों में श्रेष्ठ हैं तथा श्रीमद्भागवत कथा के महान रसिक हैं। भगवान शिव एवं माता पार्वती की कृपा तथा श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन में सुख, शांति, सद्बुद्धि एवं भगवान श्रीकृष्ण की निष्काम भक्ति का संचार करता है।
इस अवसर पर गोविंद बल्लभ, श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), पंकज खंडेलवाल, योगा पंडित (ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष), प्रशांत बौहरे (पूर्व अध्यक्ष), संजय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष), रामकुमार शर्मा, सचिन अग्रवाल, कमलेश बंसल, हेमकांत शर्मा , किशन मामा, राजेंद्र नाथ चतुर्वेदी, रिंकू लाला, अजय अग्रवाल, अनूप अग्रवाल,रामअवतार अग्रवाल, अशोक आंधीवाल, सीमा अग्रवाल, शीतल अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, मीनाक्षी शर्मा, राशि संगीता, सुनन्या, रश्मि जैन, विनीत दुबे एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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