हाथरस। उपाध्याय श्री 108 शिवदत्त जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पदमदत्त जी महाराज महाराज का अलीगढ़ में मंगल प्रवेश 21 जुलाई को होगा। मुनि महाराज हाथरस से 19 जुलाई को अलीगढ़ की ओर बिहार करेंगे और 21 जुलाई को अलीगढ़ में उनके प्रवेश को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी हो रही है।क्योंकि मुनि महाराज का चातुर्मास इस बार अलीगढ़ में होना है।

मुनि महाराज की आहारचार्य हलवाई खाना छोटे जैन मंदिर के निकट सचिन जैन चूर्ण वालो के यहां हुई। मुनि महाराज ने प्रवचन में कहा कि सोचो हमारे पूर्वजो ने कितने अथक प्रयास किए होंगे, तब कही जाकर यह विशाल जिनालय हमको मिला है, जैसे मध्य प्रदेश में ग्वालियर के अंदर जो जैन मंदिर है उसे स्वर्ण मंदिर कहते हैं, ऐसे ही उत्तर प्रदेश के अंदर हाथरस में यह बड़ा मंदिर भी स्वर्ण मंदिर के रूप में अपनी पहचान बनाये हुये है। लेकिन मंदिरों की मेंटेनेंस होना आवश्यक है। जिससे मंदिर हर समय चमकता रहे।
मुनि श्री शिवदत्त जी महाराज हलवाई खाना स्थित श्री पारसनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़े मंदिर में प्रवचन कर रहे थे। मुनि महाराज ने जैन धर्म की महिमा बताते हुए कहा कि आचार्य समंत भद्र स्वामी ने चंद्रप्रभु भगवान की अपनी तपस्या से महादेव की पिंडी से चंद्रप्रभु भगवान प्रकट हुए और राजा ने जब चमत्कार देखा तो राजा ने हजारों लोगों के साथ जैन धर्म अपना लिया था। आज भी बनारस में फटे महादेव के नाम से जो मन्दिर है, वह वही मंदिर है जहां आचार्य श्री ने तपस्या की उन्होंने कहा कि व्यक्ति का सबसे पहले धर्म पुरुषार्थ करना है, लेकिन मनुष्य सोचता है कि घर बैठे बैठे ही सारे काम हो जाये और सब कुछ उसे मिल जाये, घर से निकलकर अभिषेक नहीं करना चाहता,पूजा नहीं करना चाहता उसे मांगने की आदत हो गई है। यदि आपको मांगना है तो प्रभु से मांगो उन्ही के सामने झोली फैलाओ किसी दूसरे से भीख क्यों मांगते हो। मुनि शिवदत्त महाराज ने ओम के उच्चारण और 24 तीर्थंकर के नाम के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने भक्ति गीत गाते हुए कहा कि मांगने की आदत जाती नहीं ,तेरे आगे लाज मुझको आती नहीं। आपने कहा मनुष्य अपनी तरफ नहीं देखता है बस दूसरे पर उँगली उठाता है। तुमने ऐसा नहीं किया, तुम ऐसा कर रहे हो मंदिरों को लेकर चर्चा करता है, जो व्यक्ति समाज और मंदिर का पैसा अपने पास रखता है वह जिंदगी में कभी सुखी नहीं रह सकता है। आने वाले समय वह नहीं तो उसकी पीढ़ियों को भोगना पड़ेगा। उसको यह नहीं पता है कि वह जो एक उंगली उठा रहा है, तीन ऊँगली उसकी तरफ उठ रही है। मुनि श्री ने सभी से कहा कि यदि जैन कुल में जन्म लिया है, तो मंदिर मत भूलो, मंदिर आने से कैसा भी तंत्र मंत्र हो सब भाग जाते हैं। किंतु मनुष्य को षड्यंत्र नहीं करना चाहिए।। इस मौके पर श्री जैन नवयुवक सभा अध्यक्ष उमाशंकर जैन, राकेश जैन, बाल पंडित विशाल जैन, अमित जैन, राजेश जैन बैंक, संजीव जैन भूरा,राजीव जैन लुहाड़िया, अभिषेक जैन, धीरज जैन सभासद, जितेंद्र जैन रेडीमेड, अतुल जैन वसुंधरा, रतन जैन, संजीव जैन लुहाड़िया, राजकुमार जैन लोहिया, मनीष जैन, राजू जैन, विजय जैन भूच , आशीष जैन, हरविन्द जैन, अनिल जैन, पवन जैन, तन्नू जैन, जैकी जैन, नितिन जैन, संजीव जैन डाकखाना, विनोद जैन,सौरभ जैन अजमेरा, दीपक जैन आदि मौजूद थे।









