हाथरस। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ आज जिला अस्पताल का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण कर अस्पताल परिसर में संचालित व्यवस्थाओं के साथ ही अस्पताल परिसर में अनाधिकृत रूप से खड़ी निजी एंबुलेंसों, जन औषधि केंद्र की कार्यप्रणाली, इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं तथा अवैध पार्किंग का गहन निरीक्षण किया।

जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के स्थानांतरण संबंधी कार्यों के निरीक्षण के दौरान अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर बड़ी संख्या में निजी एंबुलेंस अनाधिकृत रूप से खड़ी हैं। जिलाधिकारी ने निजी एंबुलेंसों की जांच कर उनके अभिलेखों का सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में कुछ एंबुलेंस संचालक आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके तथा एक एंबुलेंस के एंबुलेंस संचालन संबंधी दस्तावेज वर्ष 2025 में ही समाप्त पाए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित एंबुलेंसों को यातायात कार्यालय परिसर में खड़ा कराते हुए नियमानुसार अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देने तथा सभी प्रकरणों की विधिक जांच कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल परिसर एवं उसके आसपास निजी एंबुलेंसों का नियमानुसार खड़ा किया जाना अनाधिकृत है। आवश्यकता पड़ने पर मरीज अथवा परिजन फोन के माध्यम से एंबुलेंस बुला सकते हैं तथा प्राथमिकता सरकारी 108 एंबुलेंस सेवा को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में अस्पताल परिसर के आसपास इस प्रकार की अनाधिकृत एंबुलेंस पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के साथ प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध जेनेरिक दवाओं, उनके मूल्य, स्टॉक एवं उपलब्धता का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र का उद्देश्य आमजन को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं अत्यंत रियायती दरों पर उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों पर उपचार का आर्थिक भार कम हो सके। उन्होंने मरीज को उपलब्ध कराई गई दवा का उदाहरण देते हुए बताया कि बाजार में लगभग 150 रुपये मूल्य की दवा जन औषधि केंद्र पर मात्र 23 रुपये में उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केंद्र पर निर्धारित दरों पर ही दवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा लगभग 700 से 750 प्रकार की आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में दुपहिया वाहन मुख्य प्रवेश मार्ग तथा जन औषधि केन्द्र के सामने खड़े होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल पार्किंग स्थल सुनिश्चित करने तथा वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थल पर कराये जाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों एवं तीमारदारों को आवागमन में कठिनाई न हो। उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अस्पताल आने पर अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करें तथा अस्पताल के मार्गों को अवरुद्ध न करें, जिससे मरीजों एवं एंबुलेंसों का आवागमन निर्बाध बना रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल परिसर में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी , उप जिलाधिकारी सदर, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक आदि उपस्थित थे।









