सिकंदराराऊ। कोतवाली हसायन क्षेत्र के गांव बस्तोंई पर शराब ठेका हटाने की मांग कर रहे लोगो विरुद्ध सेल्समैन द्वारा कराई गई रिपोर्ट के बाद मंगलवार को सैकड़ों महिलाओं में आक्रोश पनप गया। आक्रोशित महिलाओं ने तहसील पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और सीओ को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने ठेका बंद करने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने सोमवार को हंगामे के दौरान ग्रामीणों को ठेका न खोलने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद मंगलवार को ठेका खोला गया। महिलाओं ने ठेका न बंद करने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
बतादें कि गांव बस्तोंई पर स्थित देशी शराब के ठेका को बंद कराने की मांग करते हुए सैकड़ों महिलाओं ने ठेका में तोड़फोड़ कर जमकर प्रदर्शन किया था। इस मामले में ठेका के सेल्समैन जयप्रकाश पुत्र महीपाल सिंह ने रिपोर्ट में कहा कि सोमवार की दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच गांव बस्तोंई के कई महिला-पुरुष लाठी-डंडों के साथ ठेके पर आ धमके। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने लगभग 50 पेटी शराब सड़क पर फेंककर नष्ट कर दी और गल्ले में रखे 82,990 रुपये लूट लिए। सेल्समैन की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान रेशमपाल, उनके पुत्र आशीष सहित 21 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर में दुकान खोलने पर आग लगाने और जान से मारने की धमकी देने का भी जिक्र है। दूसरी तरफ, मुकदमा दर्ज होने के बाद तहसील पहुंचीं ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग ने उनके साथ धोखा किया है। महिलाओं का आरोप है कि बवाल के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि फिलहाल शराब का ठेका नहीं खोला जाएगा। लेकिन अगले ही दिन पुलिस सुरक्षा के बीच ठेका दोबारा खोल दिया गया। तहसील पहुंचीं सैकड़ों महिलाओं ने सीओ अमित पाठक को ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना है कि विरोध के दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई केस दर्ज नहीं किया। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि गांव से शराब का ठेका नहीं हटाया गया और उन पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस नहीं लिया गया, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी।









