हाथरस/ सादाबाद। तहसील सदर परिसर एंव जिले की अन्य तहसीलों में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन आज 20वें दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी उप निबंधक कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ई-रजिस्ट्री प्रणाली को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही नई ई-रजिस्ट्री या फ्रंट ऑफिस प्रणाली से दस्तावेज लेखकों की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उनका कहना था कि यदि आम लोग सीधे ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्री कराने लगेंगे, तो वर्षों से इस कार्य से जुड़े हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। यह व्यवस्था दस्तावेज लेखकों को बेरोजगार कर देगी।

दस्तावेज लेखकों ने सरकार से उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक नियमावली-1977 में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजीकृत दस्तावेज लेखकों को नए ई-पंजीकरण पोर्टल पर ‘अधिकृत यूजर’ के रूप में शामिल किया जाए, ताकि वे नई तकनीक के साथ भी अपनी सेवाएं जारी रख सकें और उनके रोजगार पर कोई संकट न आए।इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने ई-पोर्टल पर लॉग-इन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दस्तावेज लेखकों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करे। उनका तर्क था कि यदि सरकार नई तकनीकी व्यवस्था लागू कर रही है, तो उससे जुड़े लोगों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।।
तहसील सदर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में ओमप्रकाश ठेनुआं, रविंद्र कुमार, प्रमोद गोस्वामी, अरविंद कुमार शर्मा, मनोज कुमार, मदन मोहन गौड़, सुदर्शन शर्मा, असगर अली, ब्रजकांत, दिनेश कुशवाहा, सुरेशचंद्र देशमुख, वीरेंद्र देशमुख, सुरेश चंद, विजेंद्र सिंह, मुकेश चंद्र, चंद्रवीर सिंह, हरिशंकर कातिब सहित काफी संख्या में अधिवक्ता, स्टांप वेंडर, कातिब मौजूद थे।
सादाबाद तहसील पर धरना-प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ के पूर्व सहायक लेखा परीक्षक श्याम सुंदर गिरी, अध्यक्ष राजकुमार दीक्षित, तेज बहादुर सिंह, मन्नू जायसवाल, संजय जायसवाल, शंकरलाल गोला, हजारीलाल सक्सेना, विश्वेंद्र प्रताप सिंह, बहादुर सिंह, विनोद कुमार, संजय कुलश्रेष्ठ, देवेंद्र सिंह, ललित पाराशर, भूपेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, हरिशंकर गिरी, विष्णु शर्मा और जयप्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता एवं अधिवक्ता मौजूद थे।









