
सिकंदराराऊ में एसडीएम ने दूसरे दिन भी की छापेमारी,अस्पतालों के बेसमेंट कराए बंद
कार्रवाई के चलते कोचिंग संचालक ताला लगाकर भागे
सिकंदराराऊ। लखनऊ कोचिंग सेंटर हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन की सख्ती दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। बुधवार को उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कस्बा के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और रेडीमेड शोरूमो का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई की भनक लगते ही कई कोचिंग सेंटर संचालक अपने संस्थान बंद कर मौके से निकल गए। निरीक्षण के दौरान कासगंज रोड स्थित कलावती हॉस्पिटल और अन्य अस्पताओं में फायर सुरक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं मिले। अस्पताल संचालकों ने दस्तावेज़ होने का दावा किया । जिस पर एसडीएम ने उन्हें निर्धारित समय के अंदर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कुछ अस्पतालों में आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था भी नहीं पाई गई।
एसडीएम ने दोनों अस्पतालों के बेसमेंट का भी निरीक्षण किया और उन्हें तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी सुरक्षा मानक और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक बेसमेंट में किसी भी प्रकार का संचालन नहीं किया जाएगा। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने कस्बा के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और आरके शोरूम, लाइब्रेरी की जांच की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई संचालक ताले लगाकर मौके से चले गए। कुछ लाइब्रेरी भी बंद मिलीं। अधिकारियों ने ऐसे संस्थानों की सूची तैयार की है और आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी है।उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लगातार दूसरे दिन चली इस छापामार कार्रवाई से कस्बा में हड़कंप का माहौल बना रहा।









