3 जून को हुई घटना:पति की पेंशन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने पहुंची थी महिला:कार्यालय सहायक पर अमानवीय व्यवहार और उत्पीड़न का लगाया आरोप

सिकंदराराऊ । हाथरस के मुख्य डाकघर में 3 जून को एक बीमार महिला की सीढ़ियां चढ़ते समय तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। महिला अपने पति की पेंशन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने पहुंची थी। मृतका की बेटी ने डाक विभाग के कार्यालय सहायक पर अमानवीय व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मृतका की पुत्री ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
बतादें कि कस्बा के कासगंज रोड निवासी श्रेया दीक्षित 3 जून को अपनी 57 वर्षीय मां राधारानी को लेकर नेशनल पेंशन स्कीम से जुड़ी औपचारिकताएं पूर्ण कराने को मुख्य डाकघर पहुंची थीं। उनकी मां अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित थीं और वह मुख्य डाकघर की सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ थीं। इस दौरान श्रेया ने कार्यालय सहायक से निवेदन किया कि वे नीचे आकर आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लें, लेकिन आरोप है कि कार्यालय सहायक ने उनकी बात सुनने के बावजूद नीचे आने से साफ इनकार कर दिया। मजबूरी में बेटी अपनी बीमार मां को सहारा देकर ऊपर ले जाने लगी। सीढ़ियां चढ़ते समय राधा रानी की सांस फूल गई और उनकी हालत बिगड़ गई। कर्मचारियों की मदद से उन्हें नीचे लाया गया और एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्रेया ने बताया कि उनके पिता रामसेवक शर्मा भारतीय डाक विभाग में सिकंदराराऊ क्षेत्र के कस्बानुमा गांव कचौरा में डाकपाल थे । जिनका 29 जून 2025 को ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद नेशनल पेंशन स्कीम से जुड़ी औपचारिकताएं लगभग एक वर्ष से लंबित थीं। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रेया ने पिछले वर्ष अपने पिता को खोया था और अब इस वर्ष अपनी मां को भी खो दिया।
उन्होंने आरोपी कार्यालय सहायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं वरिष्ठ डाक अधीक्षक अलीगढ़ विनय वार्ष्णेय ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।









