हमारे पास यही सुनहरा मौका है, जिसमें हम अपनी वास्तविक पहचान को जान सकते हैं-राजिन्दर जी महाराज

हाथरस। सावन कृपाल रूहानी मिशन के बैनरतले मिशन की शाखा कृपाल आश्रम गौशाला मार्ग, कृपाल आश्रम पिछोंती(हसायन)व राजिंदर आश्रम वीर नगर (सासनी) पर साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। सत्संग ऑडियो वीडियो द्वारा दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज एवं मिशन के प्रमुख व विश्व विख्यात संत राजिंदर सिंह जी महाराज की वाणी में श्रवण कराया गया।
सत्संग में दर्शन सिंह जी महाराज ने समझाया कि हमें परमात्मा की असीम कृपा के बाद 84 लाख जिया जून भोगने के बाद यह नर नारायणी देह मिली है। उनके द्वारा आगे फरमाया गया कि हमारे पास यही सुनहरा मौका है, जिसमें हम अपनी वास्तविक पहिचान को जान सकते हैं। महाराज जी ने समझाया कि हमारी वास्तविक पहचान आत्मिक है और हमारी आत्मा परमात्मा का ही एक अंश है। हम इसी जन्म में अपने जीवन के परम उद्देश्य, (जो कि स्वयं को सही रूप में जानना व अपनी आत्मा को पिता पर्मेश्वर में लीन कराना है) को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए हमें एक ऐसे संत सतगुरु की शरण में जाना होता है, जो प्रभु प्रेम से ओतप्रोत हों और परमात्मा से रूबरू हों।
जब हम इंसान अपना जीवन सतगुरु द्वारा सुझाए गये मार्ग पर चलते हुए जीते हैं और स्वयं को दया, प्रेम, करुणा, सदाचार व निष्काम सेवा से भरपूर बनाते हैं और निरंतर प्रभु की याद में जीवन बिताते हैं, तो निश्चित रूप से हम सब इसी जन्म में परमात्मा की नजदीकी पा सकते हैं।
सत्संग के दिन तीनों शाखाओं पर सुविधानुसार बाल सत्संग, निःशुल्क कृपाल प्याऊ, दर्शन लाइब्रेरी, आध्यात्मिक बुक स्टाल, निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण, कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम, निःशुल्क होम्योपैथी, एलोपैथी, आयुर्वेदिक चिकित्सा डिस्पेंसरी आदि अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गयीं।शाखा हाथरस पर सैकड़ों की संख्या में भाई बहन उपस्थित थे। सभी ने बड़े ही ध्यान पूर्वक सत्संग का श्रवण किया।
सत्संग के पश्चात महाराज जी द्वारा सभी संगत को भजन ध्यान पर भी बैठाया। सत्संग समाप्ति पर सभी शाखाओं पर संगत के लिए लंगर प्रसाद का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संचालित कराने में सभी शाखाओं की प्रबंध समितियों व सभी सक्रिय सेवादार भाई बहनों ने अपना सराहनीय सहयोग प्रदान किया।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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