
हाथरस। होली पर्व के बाद बासौड़ा पूजन विशेष माना जाता है और इसी क्रम में आज सोमवार को बासौड़ा पूजन के अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों बौहरे वाली देवी, मॉ बाराही देवी, शीतला माता, मसानी मंदिर, पथवारी मंदिर, चामुंडा मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के सुबह से ही लोगों का पूजा-अर्चना के लिए तांता लगा रहा।
मान्यता है कि होली पर्व के बाद बासौड़ा पूजन का विशेष महत्व होता है और आज बासौड़ा पूजन होने पर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, विशेषकर बच्चों की सुख-समृद्धि और सलामती की कामना करते हुए परंपरा अनुसार महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता को बासी भोजन का भोग लगाया। कुछ स्थानों पर मुर्गा और मुश्क की पारंपरिक प्रथा भी निभाई गई। इस दौरान महिलाओं ने घर-परिवार की खुशहाली और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। बासौड़ा पूजन के उपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं होलिका स्थल पर भी पहुंच कर वहां भी पूजा-अर्चना की। सुबह के समय मंदिर परिसरों में भक्ति और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला।
लोगों के अनुसार बासौड़ा पूजन का पर्व वर्षों से परंपरागत रूप से मनाया जाता रहा है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शीतला माता की पूजा करने से परिवार को बीमारियों से मुक्ति मिलती है और बच्चों की सलामती बनी रहती है। मंदिरों के आसपास सुबह से ही चहल-पहल देखी गई। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ बासौड़ा पूजन किया गया।









