
हाथरस जिलाधिकारी कार्यालय में भूंकम्प से बचाव के दृष्टिगत एक जनपद स्तरीय संयुक्त माॅक- अभ्यास का आयोजन किया गया। जनपद के अन्तर्गत भूंकप आपातकाल स्थिति में आमजनमानस एंव नागरिको की सुरक्षा, भूकंप के दौरान किस प्रकार की जाये एवं क्षतिग्रस्त इमारतो में से किस तरह लोगो को बाहर निकाल कर फंसे हुए घायल लोगो की जान बचायी जाये। इस माॅक अभ्यास का उद्देश्य आमजन एंव संस्थानों को आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार करने से रहा।
इस माॅक ड्रिल का आयोजन जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, फायर सर्विस, तहसील प्रशासन एवं आपदा मित्रों, होमगार्ड विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों सहित स्थानीय लोगों को भूकंप के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। माॅक ड्रिल के तहत आपदा की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई, जिसमें भूकंप से भवनों के क्षतिग्रस्त होने, लोगों, के फंसे होने और आग लगने की सूचना जिला स्तर के कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही कन्ट्रोल रूम के माध्यम से प्रशासन सक्रिय हुआ और संबन्धित विभागों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार सदर, पुलिस विभाग, सीएफओ द्वारा कंट्रोल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। आग बुझाने के साथ-साथ सर्च एंड रेस्क्यू अभियान चलाया गया। एनडीआरएफ की टीम ने खोजी कुत्तों की सहायता एवं कैमरो की नवीन तकनीकी से भवन में फंसे लोगों का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
अपर जिलाधिकारी डा.बसन्त अग्रवाल अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टेबल टाॅप सत्र का आयोजन किया गया। डा. बसन्त अग्रवाल द्वारा भूंकम्प से सम्बन्धित संयुक्त माॅक- अभ्यास के आयोजन की रूपरेखा (सिनेरियों) का विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होने बताया कि जनपद में चयनित 100 आपदा मित्रों के माध्यम से जनपद में आपदा प्रबन्धन तीव्र गति से कार्य करेगा। समस्त विभागो के समन्वय एवं कार्यो की एकरूपता से ही आपदा प्रबन्धन मजबूत होगा। इस मौके पर मौजूद लोगों को टेबल टाॅप सत्र के माध्यम से भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लेने, लिफ्ट का प्रयोग न करने, अफवाहों से बचने और आपातकालीन नंबरो की जानकारी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जागरूक किया गया। टेवल टाॅप सत्र के दौरान जिला आपदा विशेषज्ञ लेखराज सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिले में आपदाओं के प्रति जनजागरूकता, प्रशिक्षिण कार्यक्रम एवं माॅकड्रिल आदि के नियमित रूप से आयोजन हो रहे है। अब तक विभिन्न आपदा प्रबंधन अभ्यासों के माध्यम से लगभग 10 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
जनपद स्तरीय संयुक्त माॅक-अभ्यास के आयोजन एवं टेवल टाॅप सत्र के आयोजन के दौरान जनपद में चयनित 30 आपदा मित्र/सखी, 35 सदस्यी एनडीआरएफ टीम के साथ कमाण्डेट एनडी आरएफ, 30 आपदा मित्र होगार्ड के साथ होमगार्ड कमाण्डेट, 8 मेडिकल स्टाफ की टीम के साथ डिप्टी चीफ मेडिकल ऑफिसर, 12 सदस्यों की टीम के साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं अन्य सम्बन्धित विभाग मौजूद थे। इस माॅक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया कि आपदा से घवराने के बजाय सजगता, प्रशिक्षण और समन्वय के उपरान्त कार्य की एकरूकता एवं जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।









