ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर श्री गोविंद भगवान घंटाघर का 115 वां रथयात्रा महोत्सव शुरू

गोविंद जी ने बाजारों में जमकर खेली होलीःउड़ाया अबीर गुलालःधूमः वाष्र्णेय रत्न से शिवकुमार वाष्र्णेय सम्मानित

हाथरस। वाष्र्णेय समाज द्वारा संचालित मंदिर श्री गोविंद भगवान घंटाघर का 115 वां श्री गोविन्द भगवान रथयात्रा महोत्सव के तहत शहर में रथयात्रा महोत्सव के तहत रंगभरनी एकादशी से महोत्सव का जहां शुभारंभ हो गया है। वही रंगभरनी एकादशी पर शहर में विशाल रंगभरनी एकादशी डोला निकाला गया और पूरे शहर में जमकर अबीर गुलाल उड़ाते हुए ठाकुर जी ने भ्रमण कर होली खेली गई। इस अवसर पर श्री गोविंद भगवान मंदिर प्रबंध कमेटी द्वारा समाज के वरिष्ठ व प्रबुद्ध लोगों को वाष्र्णेय रत्न से सम्मानित किया गया।

मंदिर श्री गोविंद भगवान के 115वें विशाल रथयात्रा महोत्सव के तहत महोत्सव का शुभारंभ रंगभरनी एकादशी से हो गया है और रंगभरनी एकादशी पर आयोजित विशाल डोला महोत्सव के शुभारंभ से पूर्व मंदिर प्रांगण में प्रथम दिवस श्री सालिगराम जी महाराज का पंचामृत से महाभिषेक प्रमुख समाजसेवी मास्टर शिवकुमार वाष्र्णेय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सर्वेश वाष्र्णेय, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सदस्य एवं यूपी मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिला महासचिव एवं वरिष्ठ नेता राहुल गुप्ता व इनकी धर्मपत्नी श्रीमती दुर्गेश वाष्र्णेय, अमित वाष्र्णेय, रामकुमार वाष्र्णेय, गौरव वाष्र्णेय एंव इनके परिवार द्वारा प्रकाण्ड़ युवा विद्वान आचार्य केयूर दीक्षित द्वारा वेद मंत्रोच्चारण के मध्य अपार जन समूह के समक्ष कराया गया। ठाकुर जी को भव्य पोशाक धारण कराकर उनके अद्भुत श्रृंगार दर्शन भी कराए गए और इस मौके पर मंदिर को भव्य फूलों से सजाया गया था।
महिला मण्डल द्वारा होली के भजन गाये गये एवं मन्दिर परिसर में रंग गुलाल व फूलों की होली भी खेली गई। महाअभिषेक के पश्चात प्रमुख समाजसेवी मास्टर शिवकुमार वाष्र्णेय द्वारा आरती की गई एवं भोग लगाया गया। गोविन्द भगवान के जयकारों से मन्दिर गूँज उठा। इस अवसर पर मंदिर प्रबंध कमेटी अध्यक्ष मुकुल आनंद एवं मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रियांक वार्ष्णेय द्वारा वहां सभी भक्तगणों को माला व दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। तदुपरांत प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।
मध्यान को श्री सालिगराम जी महाराज पूरे विधि विधान के साथ रथ में विराजमान होकर सभी नगरवासियों के मध्य बाजारों में होली खेलने निकले और पूरे शहर में ठाकुर जी अपने फूलों से सजे रथ पर सवार होकर बाजारों में भक्तों के साथ होली खेलते हुए देर शाम तक जलेसर रोड स्थित आंधीवाल आश्रम पर पहुंचें, जहां पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये।
इस मौके पर रंगभरनी एकादशी डोला का शुभारम्भ अतिथियों विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया गया। सभी अतिथियों द्वारा भगवान श्री सालिगराम जी की आरती व पुष्प वर्षा की गई। मंदिर प्रबंध कमेटी अध्यक्ष मुकुल आनंद एवं मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रियांक वाष्र्णेय ने सभी अतिथियों का माल्यापर्ण, दुपट्टा एवं प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
डोला नगर के प्रमुख बाजारों से भ्रमण करते हुए आंधीवाल बगीची पहुँचा। डोला यात्रा में जगह जगह श्री सालिगराम जी महाराज का स्वागत किया गया। पूरे शहर में इस मौके पर ठाकुर जी ने जमकर होली खेलते हुए अबीर गुलाल उड़ाया और भक्त होली की मस्ती में सराबोर नजर आए।
इस मौके पर मन्दिर अध्यक्ष मुकुल वाष्र्णेय कातिब, पूर्व मेला अध्यक्ष श्रीमती दीप्ति वाष्र्णेय, अतुल आंधीवाल एडवोकेट, तरुण पंकज लक्ष्मीकांत वाष्र्णेय, सुनील मैण्डू वाले, मनु आनन्द, तुषित आनन्द, रंजीत वाष्र्णेय एड., शैलेन्द्र वाष्र्णेय, दाऊदयाल वाष्र्णेय, शिव वाष्र्णेय, कन्हैया वाष्र्णेय, अनिल वाष्र्णेय, दीपक वाष्र्णेय, संचय वाष्र्णेय, हेमन्त वाष्र्णेय एड.,वैभव वाष्र्णेय कन्नू, पुनीत वाष्र्णेय, हेमन्त वाष्र्णेय, राहुल वाष्र्णेय, बाल प्रकाश वाष्र्णेय, कैलाश वाष्र्णेय, नवीन गुप्ता एपेक्स, रूपकिशोर जीके,सुमित वाष्र्णेय, हीरेंद्र वाष्र्णेय प्लास्टिक वाले, शैलेंद्र वाष्र्णेय, नवीन वाष्र्णेय, योगेश वाष्र्णेय सहपऊ वाले, चंदन वाष्र्णेय, डॉ. नीरज वाष्र्णेय रवि वाष्र्णेय के अलावा शहर के हजारों भक्त शामिल थे।
श्री गोविंद भगवान रथयात्रा महोत्सव के अवसर पर मंदिर प्रबंध कमेटी द्वारा वाष्र्णेय समाज के प्रमुख प्रबुद्ध जनों को वाष्र्णेय रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है और इस सम्मान के तहत मंदिर श्री गोविंद भगवान प्रांगण में प्रमुख समाजसेवी शिवकुमार वाष्र्णेय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सर्वेश वाष्र्णेय को वाष्र्णेय रत्न सम्मान से मंदिर श्री गोविंद भगवान की कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मंदिर श्री गोविंद भगवान के पूर्व में अध्यक्ष रहे शिवकुमार वाष्र्णेय द्वारा मंदिर को अभूतपूर्व योगदान दिया गया। जिसमें श्री गोविंद भगवान जी के लिए छोटे रथ को निर्माण कर के गोविंद जी को अर्पित किया और पिछले 25 वर्षों से ठाकुर जी की सेवा में कार्यरत रहकर रंगभरनी एकादशी का कार्यक्रम निरंतर करते आ रहे हैं। ऐसे सतत कार्य करने के लिए प्रेरणा स्रोत ठाकुर जी के कार्य के लिए वह हमेशा तत्पर रहते हैं। इसी को लेकर मंदिर श्री गोविंद भगवान कमेटी ने मास्टर शिवकुमार वाष्र्णेय के परिवार को वाष्र्णेय रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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