राष्ट्रीय सवर्ण परिषद अध्यक्ष व निलंबित पीसीएस अधिकारी बैठे धरने परःकई पदाधिकारी हाउस अरेस्ट

हाथरस-7 फरवरी। यूजीसी और एससीध्एसटी एक्ट के विरोध में राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धबरैय्या के नेतृत्व में प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए रोक दिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धबरैय्या द्वारा अकेले ही झंडा लेकर पदयात्रा शुरू करने का प्रयास किया गया, तो उनको पुलिस अधिकारियों द्वारा रोक लिया गया और इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोंकझोक हो गई। इसके बाद वह अपने घर के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। यह पदयात्रा हाथरस से नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास तक निकाली जानी थी। आज कार्यकर्ताओं के जुटने की सूचना पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। उक्त पदयात्रा में शामिल होने के लिए निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी हाथरस पहुंच गए और वह भी उनके साथ धरने पर बैठ गए।
राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद की प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन द्वारा रोके जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धबरैय्या को उनके घर पर ही पुलिस प्रशासन द्वारा रोक दिया गया, तो वह अपने घर के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए और उनके साथ धरने में शामिल होने के लिए निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी पहुंच गए थे और राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के पदाधिकारियों द्वारा वहीं जमीन पर बैठकर ही हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया गया तथा निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री द्वारा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार डरी हुई है और उसका कोर वोटर उससे दूर हो चुका है।
पदयात्रा रोके जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धबरैय्या ने अपने घर के बाहर धरना देते हुए आरोप लगाया कि यूजीसी बिल और एससी एसटी एक्ट के नाम पर समाज को बांटा जा रहा है और पुलिस ने सरकार के इशारे पर पदयात्रा को जबरन रोका है। उन्होंने इस दौरान जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन की कार्यवाही का विरोध किया।
यूजीसी कानून एवं एससी एसटी एक्ट के विरोध में प्रस्तावित पदयात्रा में शामिल होने से पूर्व भारतीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कौशिक उर्फ राजू पंडित व राष्ट्रवादी प्रताप सेना के अध्यक्ष नितिन ठाकुर को भी पुलिस प्रशासन द्वारा उनके घरों पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वहीं राजू पंडित द्वारा कहा गया है कि समाज विरोधी एवं समाज को तोड़ने वाले कानून के विरोध में पदयात्रा या आंदोलन करना कोई गुनाह है क्या। उन्होंने प्रशासन की कार्यवाही को लेकर विरोध व्यक्त किया है।
यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण संगठनों व राष्ट्रीय सवर्ण परिषद की आज प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर पूरे आगरा रोड क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था तथा प्रशासन द्वारा सुबह से ही आगरा रोड व शहीद पार्क और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी बल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया। जैसे ही पदयात्रा में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता एकत्र होने लगे, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और धारा 144 के प्रावधानों की जानकारी दी।
प्रस्तावित पदयात्रा से पहले ही राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धबरैय्या सहित संगठन के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारियों को एहतियात के तौर उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही पर नाराजगी जताई, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने समझा कर स्थिति को शांत बनाए रखा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिले में निषेधाज्ञा लागू है, जिसके तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस या पदयात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती। एसडीएम सदर राजबहादुर और पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर योगेंद्र कृष्ण नारायण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे और पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे।









