

हाथरस-12 जनवरी। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ब्रज कला केंद्र शाखा द्वारा कार्यालय श्री राधाकृष्ण कृपा भवन आगरा रोड पर विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्था के वरिष्ठ साथी पं. अविनाश चंद्र पचौरी की अध्यक्षता में एवं सचिव बीना गुप्ता एड. के संचालन में संपन्न हुआ।।
कार्यक्रम का शुभारंभ कवि दीपक रफी ने माँ शारदा एवं हिंदी की वंदना से किया।वहीं कवि रोशनलाल वर्मा ने कहा—हिंदी केवल शब्द नहीं, संस्कारों की पहचान है,जन-जन की बोली बनकर यह भारत की शान है।वरिष्ठ कवि श्यामबाबू चिंतन ने काव्य पाठ करते हुए कहा—भावों को जो सरल बनाए, वही भाषा महान,हिंदी से ही जीवित रहती भारत की पहचान।संस्था के उपाध्यक्ष साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी ने काव्य पाठ करते हुए कहा—हिंदी में ही है संवेदना, हिंदी में ही प्राण,हिंदी बोले सत्य, अहिंसा, संस्कृति की जान।दोहा लेखक प्रभुदयाल प्रभु ने अपने दोहों के माध्यम से हिंदी की विशेषता बताते हुए कहा—सरल, मधुर,जन-जन की भाषा, हिंदी बने आधार,ज्ञान, विवेक और प्रेम का, हिंदी करे विस्तार।।
अंत में संस्था के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने हिंदी दिवस पर प्रेरणादाई काव्य पाठ करते हुए संदेश दिया—हिंदी केवल भाषा नहीं, यह आत्मा की आवाज़ है,विश्व पटल पर भारत की यही सशक्त पहचान है।
संस्था के उपाध्यक्ष पं. जयशंकर पाराशर ने हिंदी की महिमा बताते हुए अपने उद्बोधन में कहा—हिंदी से ही जुड़ा समाज, हिंदी से संस्कार,
अपनी भाषा के सम्मान में ही राष्ट्र का विस्तार।कार्यक्रम के मध्य हिंदी की सेवार्थ विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं के पदाधिकारी, साहित्यकारों ने चंद्रगुप्त विक्रमादित्य का अंगवस्त्र पहनाकर साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी ने सम्मान किया। अध्यक्षता कर रहे पं.अविनाश चंद्र पचौरी ने सभी कवियों, साहित्यकारों एवं सभी का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर हरिशंकर वर्मा, कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, पीयूष अग्निहोत्री, भूरा पंडित, हबीब खान सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।









