


हाथरस-10 जनवरी। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून–2025, मनरेगा में बदलाव कर उसका नाम विकसित भारत-जी राम जी योजना किया गया है। योजना की संरचना में भी बदलाव किए गए हैं। काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। इस बदलाव से ग्रामीण विकास तथा आय सुरक्षा मजबूत होगी।। उक्त बातें भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती बेवीरानी मौर्य ने कहीं।उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी चाहते थे कि हर गांव विकसित हो और महिलाएं आत्मनिर्भर बनें। महात्मा गांधी के अंतिम शब्द भी ‘हे राम’ थे। इसलिए प्रधानमंत्री ने इस योजना का नाम ‘विकसित भारत-जी राम जी’ रखा है।।
उन्होंने कहा कि पहले इस योजना में काफी भ्रष्टाचार होता था। मजदूरों और छोटे किसानों को काम नहीं मिल पाता था।ठेकेदारों को काम दे दिया जाता था और 100 दिन के काम को 50 दिन ही किया जाता था। इस बीच उन्होंने कहा कि जिले में जल्द ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा।। उन्होंने कहा कि वीबी जी-जी राम जी ग्रामीण क्षेत्रों की संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करता है और ग्रामीण रोजगार की परिभाषा को एक नई दिशा देता है। यह योजना पारंपरिक राहत-केंद्रित और लीकेज-प्रभावित मॉडलों से आगे बढ़ते हुए उत्पादकता-आधारित ढांचे पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत रोजगार को कौशल विकास, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण, स्थानीय उद्यमिता तथा दीर्घकालिक ग्रामीण विकास से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सके। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह समग्र दृष्टिकोण विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के पूर्णतः अनुरूप है और ग्रामीण भारत को विकास की मुख्य धारा में लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।।
इस अवसर पर सांसद अनूप प्रधान, रालोद विधायक प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू चौधरी, विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, भाजपा जिला महामंत्री हरिशंकर राणा,रुपेश उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख पूनम पांडेय, जिला मीडिया प्रभारी ठा. अनिल सिसौदिया, सुनील गौतम, मथुरा प्रसाद गौतम, भीकम सिंह चौहान, सुनीता वर्मा, मोहित बघेल, अनुराग अग्निहोत्री,सांसद प्रतिनिधि ठा. राजेश कुमार सिंह गुड्डू आदि मौजूद थे।









