नदरई हजारा नहर में डूबे तीन सगे भाई:मौत:कोहराम:20 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद मिले तीनों भाइयों के शव 

तीनों भाइयों की मौत से गांव में दौड़ी शोक की लहर

सिकंदराराऊ। कोतवाली क्षेत्र के गांव टीकरी कलां में शनिवार को उस समय खलबली मच गई ,जब तीन सगे भाइयों की जनपद कासगंज की हजारा नहर में गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। तीन सगे भाइयों की मौत से परिजनों में चीत्कार मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के शव शनिवार की रात्रि तक नहीं मिले । शवों की तलाश जारी रही। रविवार को 20 घंटे चले सर्च अभियान के बाद तीनों भाइयों के शव मिले। शव मिलने के बाद अभियान को समाप्त किया गया। पोस्टमार्टम के बाद जब मृतकों के शव गांव में पहुंचे तो गांव में मातम पसर गया । शोक व्यक्त करने वालो का तांता मृतकों के आवास पर लग गया।

बताया जाता है कि गांव टीकरी कलां निवासी डालचंद्र के तीन पुत्र हरेंद्र उर्फ छोटू 22 वर्ष, अजय 24 वर्ष और जयप्रकाश 25 वर्ष गांव के ही अपने मित्र सुमित पुत्र रामसिंह के साथ दो बाइकों पर सवार होकर शनिवार को जनपद कासगंज की नदरई हजारा नहर नहाने को गए थे। हजारा नहर पर पहुंचकर दोनों बाइकों को एक टीन शेड के नीचे खड़ा कर दिया और चारों युवक नहर में नहाने लगे। नहाने के दौरान तीनों भाई गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। सुमित ने उन्हें बचाने का भरकस प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहा और किसी तरह तैरकर वह बाहर निकला। बाहर निकलकर उसने मामले की सूचना ग्रामीणों को दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पुलिस, गोताखोर और पीएसी की फ्लड यूनिट ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। 20 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार को तीनों भाइयों के शवों को नहर से बाहर निकाला गया । जिसके बाद सर्च ऑपरेशन को समाप्त कर दिया गया। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। यह हादसा परिवार के लिए और भी दुखद इसलिए है क्योंकि पूर्व में भी कई पारिवारिक त्रासदियां झेल चुका यह परिवार अब एक और बड़ी क्षति से गुजर रहा है। लगभग दो वर्ष पूर्व बड़े भाई विकास की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। वहीं पिता डालचंद्र का निधन करीब 20 वर्ष पूर्व हो गया था। वह पुलिस विभाग में थे। डालचंद्र के पांच पुत्र और दो पुत्रियां थी। हरेंद्र उर्फ छोटू की शादी इसी वर्ष 20 फरवरी को जनपद एटा के गांव लोधामई निवासी तान्या से हुई थी। अजय भी विवाहित था, जबकि जयप्रकाश की पत्नी गर्भवती है। परिवार में जल्द ही नए सदस्य के आगमन की खुशियां थीं, जो अब शोक में बदल गई हैं। इस घटना से 70 वर्षीय मां कमलेश देवी पूरी तरह टूट चुकी हैं। परिवार का एकमात्र सहारा बड़े भाई शीलेंद्र हैं, जो पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं। पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों भाइयों के शव गांव में पहुंचे तो परिजनों में हाहाकर मच गया । परिजनों ने गमगीन माहौल में तीनों भाइयों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। तीनों भाइयों की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है ।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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