जमीन प्रकरण में पूर्व विधायक व पूर्व अध्यक्ष सहित 8 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हाथरस। पूर्व एमएलसी व पूर्व मंत्री मुकुल उपाध्याय की शिकायत पर थाना हाथरस गेट थाने में सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल और नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन आशीष शर्मा सहित आठ नामजद और अज्ञात राजस्व कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिर्पोट दर्ज करायी गई है। अलीगढ़ रोड स्थित उक्त जमीन का हाई-प्रोफाइल मामला राजनीतिक क्षेत्र के लोगों से जुड़ा होने से जिले की राजनीति में हलचल बढ़ है।
शिकायतकर्ता पूर्व विधायक व पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय ने पुलिस कप्तान को दिए शिकायती पत्र के बाद थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा है कि उनकी पत्नी श्रीमती रितु उपाध्याय ने वर्ष 2009 में हनुमान प्रसाद पोद्दार से आगरा-अलीगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित एक भूमि क्रय की थी, जिस पर उन्होंने बाउंड्रीवाल भी बनवाई थी। वर्ष 2013 में इस भूमि को धारा 143 के तहत सक्षम न्यायालय द्वारा आवासीय घोषित किया गया था, जिस पर तत्कालीन एसडीएम और अन्य राजस्व अधिकारियों के वास्तविक हस्ताक्षर थे।
आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन आशीष शर्मा ने अपनी बहन रागिनी शर्मा और पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने अपने पुत्र रजत अग्रवाल की फर्म (मै. डीएलआरसी इम्फाहाइट प्रा. लि.) व अन्य सहयोगियों के नाम इसी खसरे की शेष बची 3.709 हेक्टेयर जमीन का इकरारनामा और बैनामा करा लिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने इस शेष जमीन पर प्लॉटिंग कर उसकी कीमत करोड़ों रुपये बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ा षड्यंत्र रचा। रिपोर्ट में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि रितु उपाध्याय की मुख्य मार्ग (फ्रंट) पर स्थित कीमती जमीन के बीच से अवैध रास्ता निकालने की बदनीयती से आरोपियों ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर खेल किया गया।
रिपोर्ट में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्होंने सरकारी अभिलेखागार की मूल पत्रावली से असली नक्शा हटाकर उसके स्थान पर एक कूटरचित और जाली नक्शा लगा दिया, जिसमें रितु उपाध्याय की जमीन को मुख्य मार्ग से हटाकर मंडी समिति की तरफ पीछे दर्शा दिया गया। इस जालसाजी की जानकारी पीड़ित पक्ष को अक्तूबर 2020 में हुई।। उक्त रिपोर्ट में पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा, हनुमान प्रसाद पोद्दार, रागिनी शर्मा, रजत अग्रवाल, परमेश्वरी दयाल गौड़, देवेंद्र पचौरी, विमल कुमार को नामजद किया गया है। जबकि रिपोर्ट में तत्कालीन राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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