
हाथरस। श्री रामबाग इंटर कॉलेज में चल रही श्रीमद भागवत कथा महोत्सव का भव्यता दिव्यता के साथ जहां समापन हो गया। वहीं यज्ञ में आहुतियां देकर सर्व मंगल की कामना की गई तथा श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के समापन पर विशाल भंडारा प्रसादी भी आयोजित की गई, जिसमें देर रात्रि तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती रही।। श्री रामबाग इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के अंतिम दिन भागवताचार्य महंत श्री मदन मोहन दास जी महाराज ने उद्धव- गोपी संवाद का सुनाया। उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा आ जाते हैं, तो ब्रज की गोपियां उनके विरह में तड़प रही होती हैं। उनके प्रेम को देख मथुरा में उद्धव का अहंकार जाग जाता है, जो स्वयं बहुत बड़े ज्ञानी और योग के ज्ञाता थे। कृष्ण उद्धव को ब्रज भेजते हैं ताकि वे गोपियों को ज्ञान और योग का उपदेश देकर उनके विरह को शांत कर सकें।
जब उद्धव वृंदावन पहुँचते हैं और गोपियों को निर्गुण ब्रह्म और योग का संदेश देते हैं, तो गोपियां मुस्कुराती हैं। वे उद्धव से प्रेम और समर्पण की भाषा में बात करती हैं।वे कहती हैं कि उद्धव, हम कृष्ण के प्रेम में ऐसी रंग गई हैं कि अब हमें अपने तन-मन की भी सुध नहीं है। जो एक बार उनके प्रेम के रंग में रंग जाता है, उसे निर्गुण का ज्ञान समझ नहीं आता।

व्यास पीठ से महाराज जी ने कथा प्रसंग कहते हुए कहा के गोपियां योग का उपदेश देने आए उद्धव को एक भ्रमर (भंवरा) का उदाहरण देती हैं और कहती हैं कि हे उद्धव! जिस प्रकार भंवरा कभी एक फूल पर नहीं टिकता, वैसे ही तुम्हारा ज्ञान है। हमारा प्रेम तो उस कमल के समान है जो केवल एक ही भंवरे (श्रीकृष्ण) से लगा है।कथा में महाराज जी वर्णन करते हैं कि उद्धव गोपियों के सामने बड़े-बड़े वेदों और शास्त्रों का तर्क देते हैं, लेकिन गोपियों का अनन्य प्रेम, विरह और समर्पण हर ज्ञान को तुच्छ साबित कर देता है। गोपियों की निर्मल और निस्वार्थ भक्ति को देखकर उद्धव का सारा ज्ञान पिघल जाता है।गोपियों के कृष्ण प्रेम को देखकर अंत में ज्ञानी उद्धव का अहंकार टूट जाता है। वे नतमस्तक हो जाते हैं और प्रार्थना करते है—”आसामहो चरणरेणुजुषामहं स्यां वृन्दावने किमपि गुल्मलतौषधीनाम्।”अर्थात, धन्य हैं ब्रज की गोपियां! मैं तो केवल इतना चाहता हूँ कि अगले जन्म में मुझे वृन्दावन में कोई लता, झाड़ी या तिनका बना दिया जाए, ताकि इन गोपियों की चरण-धूलि (पावन रज) हमेशा मेरे शीश पर पड़ती रहे।
श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करने सदर विधायक श्रीमती अंजुला माहौर, जिला सह कार्यवाह आलोक पचौरी, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, मनोनीत सभासद मूलचंद वार्ष्णेय, जिला बौद्धिक प्रमुख पवन शर्मा , जिला प्रचार प्रमुख आशीष सेंगर व उत्तर प्रदेश दिव्यांग बोर्ड के सदस्य सागर शर्मा भी पहुंचे, जिन्होंने भागवत आचार्य महंत श्री मदन मोहन जी के चरणों में नमन करते हुए उनका अभिनंदन किया । इस मौके पर श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव की समिति द्वारा सभी अतिथियों का जोरदार स्वागत व सम्मान किया गया।। श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के समापन पर यज्ञ में पूर्णाहूति दी गई और सर्व मंगल की कामना की गई। वहीं विशाल भंडारा प्रसादी भी आयोजित की गई, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया और समापन के अवसर पर समिति द्वारा समस्त सहयोगियों को सम्मानित कर उनका आभार व्यक्त किया गया।। श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के आयोजन की व्यवस्थाओं में समिति के ओमप्रकाश बागड़ी, नरेश कुमार वर्मा, ओमप्रकाश कलसा वाले, ओमप्रकाश मार्केट वाले, गोपाल दास राम दरबार वाले, रमेश चंद्र कूलवाल, मदन गोपाल भगतजी, रवि कुमार वर्मा ,राजकुमार वर्मा, हरिओम वर्मा अयोध्या मथुरा वाले, मुकेश कुमार बागड़ी , योगेश बागड़ी आदि तमाम लोग मौजूद थे।









