नया मसौदा प्रावधानों को समेकित करने, मुकदमों को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाता है

हाथरस-25 अप्रैल। आयकर कार्यालय में आयकर अधिकारियों द्वारा नए आयकर अधिनियम- 2025 के संबंध में चर्चा हेतु बैठक का आयोजन अधिवक्ता व चार्टर्ड अकाउंटेंट्स साथ रखा गया। जिसमें आयकर अधिकारी नीतीश वर्मा व आयकर अधिकारी श्रीमती रंजना अग्रवाल तथा आयकर निरीक्षक प्रशांत गहलोत द्वारा बैठक के दौरान अधिनियम के बारे में बताया गया।
बैठक में नए आयकर अधिनियम 2025 का उद्देश्य, मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 के जटिल प्रावधानों को अधिक सुव्यवस्थित, संक्षिप्त और उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रारूप से प्रतिस्थापित करके मौजूदा ढांचे को सरल और आधुनिक बनाना है। प्रमुख परिवर्तनों में धाराओं का युक्तिकरण, भाषा की अस्पष्टता में कमी और डिजिटल अनुपालन तथा प्रत्यक्ष मूल्यांकन पर ज़ोर देना शामिल है। पुराने अधिनियम के विपरीत, जिसमें कई संशोधन हुए हैं और व्याख्या संबंधी चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। नया मसौदा प्रावधानों को समेकित करने, मुकदमों को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास करता है। यह प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करके, कटौतियों और छूटों की समीक्षा करके तथा कर प्रशासन को समकालीन आर्थिक प्रथाओं के अनुरूप बनाकर व्यापार करने में सुगमता पर भी बल देता है। कुल मिलाकर, यह परिवर्तन एक जटिल कानून से अधिक सुसंगत और सुलभ कर व्यवस्था की ओर बदलाव को दर्शाता है।। आयकर अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि समय-समय पर नए आयकर अधिनियम के संबंध में बैठक -गोष्टी व आउटरीच प्रोग्राम तथा सेमिनार आदि आयोजित किए जाएंगे, जिससे नए प्रावधानों की जानकारी करदाताओं, व्यापारियों तथा अधिवक्ताओं को हो सके।
चर्चा में डिस्टिक टैक्स बार एसो .के अध्यक्ष बीके शर्मा एडवोकेट , लोकेश वार्ष्णेय चार्टर अकाउंटेंट , रामकुमार शर्मा एडवोकेट ,भुवनेश वार्ष्णेय एडवोकेट ,दुर्गेश चतुर्वेदी एडवोकेट ,आकाश ठाकुर एडवोकेट प्रमोद कुमार एवं आदि उपस्थित थे।











